बांका में महाशिवरात्रि पर भव्य शिव बारात निकली:भव्य झांकियों, ढोल-नगाड़ों और भूत-प्रेत नृत्य के साथ में निकली शिवबारात, झूमें भक्त

बांका में महाशिवरात्रि पर भव्य शिव बारात निकली:भव्य झांकियों, ढोल-नगाड़ों और भूत-प्रेत नृत्य के साथ में निकली शिवबारात, झूमें भक्त

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार की देर रात तक बांका जिला में शिव भक्ति की अद्भुत छटा देखने को मिली। जिले के विभिन्न प्रखंडों और मुख्य सड़कों पर निकली भगवान शिव की भव्य बारात ने पूरे क्षेत्र को शिवमय कर दिया। इस बारात में शामिल श्रद्धालु भगवान शंकर की भक्ति में झूमते और नाचते नजर आए, वहीं हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष ने जिले का वातावरण भक्तिमय बना दिया। भव्य झांकियां और सांस्कृतिक रंग शिव बारात में ढोल-नगाड़े, बाजे-गाजे और डीजे की धुन पर भक्तों ने जमकर नृत्य किया। बारात में भूत-प्रेत, पिशाच और गणों की वेशभूषा में कलाकारों ने इसे जीवंत बना दिया। विशेष आकर्षण रही शिव-पार्वती विवाह की झांकियां, जिसमें देवी-देवताओं की सजीव झांकियां श्रद्धालुओं का ध्यान खींचती रहीं। विशेष रूप से ब्रह्मा, विष्णु और महेश की झांकी लोगों को मंत्रमुग्ध कर गई। जगह-जगह भक्तों ने फूलों की वर्षा की और मोबाइल कैमरों में इस भव्य नजारे को कैद किया। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी बाबा भोलेनाथ की भक्ति में लीन नजर आए। सुरक्षा और व्यवस्थाएं जिले भर में प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई थी, ताकि श्रद्धालु और यात्री सुरक्षित रूप से कार्यक्रम का आनंद ले सकें। आयोजकों और स्थानीय युवाओं ने भी सहयोग करते हुए बारात को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने में अहम भूमिका निभाई। श्रद्धालुओं का उत्साह और भक्ति का जोश शिव बारात के मार्ग में भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। हर गली-मोहल्ले में भक्तों ने फूल-मालाओं से भगवान का स्वागत किया। जगह-जगह पुष्प वर्षा, आरती और प्रसाद वितरण का आयोजन भी किया गया। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन और भक्ति गीतों पर झूमते हुए शिव बारात का आनंद लिया। बारात में शामिल कलाकारों द्वारा भूत-बेताल और पिशाच रूप धारण कर प्रस्तुत किए गए नृत्य ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। वहीं बच्चों और युवाओं की भागीदारी ने कार्यक्रम में उत्साह और रंगत को दोगुना कर दिया। शिव-पार्वती विवाह समारोह भव्य शोभायात्रा के बाद भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह समारोह विधिपूर्वक संपन्न हुआ। देर रात तक श्रद्धालु इस आयोजन के साक्षी बने और भक्ति में लीन रहे। आयोजकों ने बताया कि इस तरह के भव्य आयोजन न केवल धार्मिक उत्सव को जीवंत बनाते हैं, बल्कि जिले में धार्मिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का संदेश भी फैलाते हैं। स्थानीय लोगों और प्रशासन की सराहना स्थानीय लोगों ने कहा कि शिव बारात का यह आयोजन हर वर्ष की तरह इस बार भी यादगार रहा। मंदिर समिति और युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने इसे सफल और सुरक्षित बनाया। प्रशासन ने भी भरोसा दिलाया कि भविष्य में इस प्रकार के आयोजनों के लिए और बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। बांका जिले में महाशिवरात्रि पर निकली यह भव्य शिव बारात न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि जिले की संस्कृति और परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन भी साबित हुई। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार की देर रात तक बांका जिला में शिव भक्ति की अद्भुत छटा देखने को मिली। जिले के विभिन्न प्रखंडों और मुख्य सड़कों पर निकली भगवान शिव की भव्य बारात ने पूरे क्षेत्र को शिवमय कर दिया। इस बारात में शामिल श्रद्धालु भगवान शंकर की भक्ति में झूमते और नाचते नजर आए, वहीं हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष ने जिले का वातावरण भक्तिमय बना दिया। भव्य झांकियां और सांस्कृतिक रंग शिव बारात में ढोल-नगाड़े, बाजे-गाजे और डीजे की धुन पर भक्तों ने जमकर नृत्य किया। बारात में भूत-प्रेत, पिशाच और गणों की वेशभूषा में कलाकारों ने इसे जीवंत बना दिया। विशेष आकर्षण रही शिव-पार्वती विवाह की झांकियां, जिसमें देवी-देवताओं की सजीव झांकियां श्रद्धालुओं का ध्यान खींचती रहीं। विशेष रूप से ब्रह्मा, विष्णु और महेश की झांकी लोगों को मंत्रमुग्ध कर गई। जगह-जगह भक्तों ने फूलों की वर्षा की और मोबाइल कैमरों में इस भव्य नजारे को कैद किया। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी बाबा भोलेनाथ की भक्ति में लीन नजर आए। सुरक्षा और व्यवस्थाएं जिले भर में प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई थी, ताकि श्रद्धालु और यात्री सुरक्षित रूप से कार्यक्रम का आनंद ले सकें। आयोजकों और स्थानीय युवाओं ने भी सहयोग करते हुए बारात को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने में अहम भूमिका निभाई। श्रद्धालुओं का उत्साह और भक्ति का जोश शिव बारात के मार्ग में भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। हर गली-मोहल्ले में भक्तों ने फूल-मालाओं से भगवान का स्वागत किया। जगह-जगह पुष्प वर्षा, आरती और प्रसाद वितरण का आयोजन भी किया गया। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन और भक्ति गीतों पर झूमते हुए शिव बारात का आनंद लिया। बारात में शामिल कलाकारों द्वारा भूत-बेताल और पिशाच रूप धारण कर प्रस्तुत किए गए नृत्य ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। वहीं बच्चों और युवाओं की भागीदारी ने कार्यक्रम में उत्साह और रंगत को दोगुना कर दिया। शिव-पार्वती विवाह समारोह भव्य शोभायात्रा के बाद भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह समारोह विधिपूर्वक संपन्न हुआ। देर रात तक श्रद्धालु इस आयोजन के साक्षी बने और भक्ति में लीन रहे। आयोजकों ने बताया कि इस तरह के भव्य आयोजन न केवल धार्मिक उत्सव को जीवंत बनाते हैं, बल्कि जिले में धार्मिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का संदेश भी फैलाते हैं। स्थानीय लोगों और प्रशासन की सराहना स्थानीय लोगों ने कहा कि शिव बारात का यह आयोजन हर वर्ष की तरह इस बार भी यादगार रहा। मंदिर समिति और युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने इसे सफल और सुरक्षित बनाया। प्रशासन ने भी भरोसा दिलाया कि भविष्य में इस प्रकार के आयोजनों के लिए और बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। बांका जिले में महाशिवरात्रि पर निकली यह भव्य शिव बारात न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि जिले की संस्कृति और परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन भी साबित हुई।  

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