गोरखपुर के गीता वाटिका में श्रीराधाबाबा का 114वां जन्म महोत्सव बड़े ही उत्साह और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। भोर से ही तरह-तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सुबह से ही परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई। पूरे दिन हर तरफ भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने मंगला आरती, पद गायन, परिक्रमा कर राधा बाबा का आशीर्वाद लिया। उसके बाद रात के समय रासलीला के बाद भव्य जागरण का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत रविवार की सुबह 04:30 बजे शहनाई वादन के साथ हुई जो सोमवार की सुबह 04:00 बजे तक भव्य जागरण के साथ समाप्त हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे। शोभायात्रा में भक्त झूमते-गाते नजर आए भव्य
उत्सव की शुरुआत सुबह 4:30 बजे मधुर शहनाई वादन से हुई। इसके बाद साधना मंदिर में मंगला आरती और ‘नेह निकुंज’ में पद गायन का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गिरिराज जी की परिक्रमा कर पुण्य लाभ अर्जित किया। सुबह निकाली गई भव्य शोभायात्रा में भक्त झूमते-गाते नजर आए। संस्मरणों में जीवंत हुए राधा बाबा दोपहर में आयोजित ‘रस गोष्ठी’ के दौरान से आए बाबा दूर-दराज से आए बाबा के अनुयायियों ने उनके जीवन से जुड़े प्रेरक और भावपूर्ण संस्मरण सुनाए। बधाई गायन के बीच बाबा के जन्म की आरती हुई और फिर विशाल भंडारे में असंख्य भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। शाम को वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) के माध्यम से राधा बाबा के दिव्य जीवन चरित्र और उनकी साधना के दर्शन कराए गए। दीपों से जगमगाई समाधि, रात भर हुआ जागरण
सांध्य बेला में समाधि परिसर दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। दीप प्रज्वलन के दृश्य ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। रात 10 बजे से शुरू हुआ जागरण सुबह 4 बजे तक चला, जिसमें भक्त पूरी रात भजन-कीर्तन में लीन रहे। इसके साथ ही लीला दर्शन के विशेष कार्यक्रम ने भक्तों को भाव-विभोर कर दिया।


