पाकुड़ में मंगलवार देर रात दर्दनाक रेल हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। हादसा नगरनबी रेलवे स्टेशन के पास हुआ। जहां न्यू जलपाईगुड़ी से हावड़ा जा रही 22302 वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से पति-पत्नी और उनकी छोटी बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान नगर थाना क्षेत्र के कालीतल्ला मोहल्ला निवासी चंदन सरदार, उनकी पत्नी रूम्पा सरदार और उनकी मासूम बेटी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि तीनों अपनी बहन के घर से लौट रहे थे। नगरनबी के पास रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रेन आ गई। वे उसकी चपेट में आ गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों के शव ट्रैक पर बुरी तरह क्षत-विक्षत अवस्था में मिले। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जीआरपी और आरपीएफ ने ट्रैक से हटाए गए शव हादसे की सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को रेलवे ट्रैक से हटाकर सुरक्षित स्थान पर रखा और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। बुधवार सुबह परिजन पाकुड़ रेलवे स्टेशन स्थित जीआरपी आउट पोस्ट पहुंचे और घटना की जानकारी ली। परिजनों ने बताया कि चंदन सरदार का एक 8 वर्षीय बेटा घर पर था, जो इस हादसे का शिकार होने से बच गया। परिवार के तीन सदस्यों की एक साथ मौत से मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में स्टेशन और आउट पोस्ट के आसपास जुटे रहे। पोस्टमॉर्टम के बाद सौंपे जाएंगे शव जीआरपी आउट पोस्ट में तैनात एएसआई शिबू सरदार ने बताया कि मंगलवार देर रात नगरनबी रेलवे स्टेशन के पोल संख्या 145/38 और 145/40 के पास हादसे की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची, जहां एक पुरुष, एक महिला और एक बच्ची के शव टुकड़ों में बिखरे मिले। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। पाकुड़ में मंगलवार देर रात दर्दनाक रेल हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। हादसा नगरनबी रेलवे स्टेशन के पास हुआ। जहां न्यू जलपाईगुड़ी से हावड़ा जा रही 22302 वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से पति-पत्नी और उनकी छोटी बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान नगर थाना क्षेत्र के कालीतल्ला मोहल्ला निवासी चंदन सरदार, उनकी पत्नी रूम्पा सरदार और उनकी मासूम बेटी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि तीनों अपनी बहन के घर से लौट रहे थे। नगरनबी के पास रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रेन आ गई। वे उसकी चपेट में आ गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों के शव ट्रैक पर बुरी तरह क्षत-विक्षत अवस्था में मिले। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जीआरपी और आरपीएफ ने ट्रैक से हटाए गए शव हादसे की सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को रेलवे ट्रैक से हटाकर सुरक्षित स्थान पर रखा और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। बुधवार सुबह परिजन पाकुड़ रेलवे स्टेशन स्थित जीआरपी आउट पोस्ट पहुंचे और घटना की जानकारी ली। परिजनों ने बताया कि चंदन सरदार का एक 8 वर्षीय बेटा घर पर था, जो इस हादसे का शिकार होने से बच गया। परिवार के तीन सदस्यों की एक साथ मौत से मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में स्टेशन और आउट पोस्ट के आसपास जुटे रहे। पोस्टमॉर्टम के बाद सौंपे जाएंगे शव जीआरपी आउट पोस्ट में तैनात एएसआई शिबू सरदार ने बताया कि मंगलवार देर रात नगरनबी रेलवे स्टेशन के पोल संख्या 145/38 और 145/40 के पास हादसे की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची, जहां एक पुरुष, एक महिला और एक बच्ची के शव टुकड़ों में बिखरे मिले। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।


