‘एक डिप्टी सीएम का आया था अविमुक्तेश्वरानंद को फोन, बोले थे- जब मैं आऊं…पानी पिलाऊ तब खत्म करना धरना’

‘एक डिप्टी सीएम का आया था अविमुक्तेश्वरानंद को फोन, बोले थे- जब मैं आऊं…पानी पिलाऊ तब खत्म करना धरना’

प्रयागराज : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद मामला लगातार तूल पकड़ते जा रहा है। इस विवाद में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। आशुतोष महाराज बटुकों के यौन शोषण का आरोप लगाने के बाद रोज नए-नए खुलासे कर रहे हैं। आशुतोष महाराज ने दावा किया है कि इस विवाद में यूपी के डिप्टी सीएम का नाम भी सामने आ रहा है और जल्द ही नाम का खुलासा होगा।

पहले जानिए विवाद की शुरूआत

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और प्रयागराज प्रशासन के बीच मौनी अमावस्या के दिन विवाद हुआ। अविमुक्तेश्वरानंद संगम स्नान करने के लिए पालकी से जा रहे थे। प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए उन्हें पालकी से जाने से मना किया। इसी बीच प्रशासन और अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के बीच धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद पुलिस बटुकों को थाने में लेकर गई और शिखा पकड़कर मारपीट का वीडियो सामने आया।

जब मामला गर्माया तो अविमुक्तेश्वरानंद धरने पर बैठ गए। तभी से इस मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया। अलग-अलग पार्टियों के नेता अविमुक्तेश्वरानंद के पक्ष और विपक्ष में बयान दे रहे हैं। मामला पूरी तरह से सियासी हो चुका है।

24 जनवरी को हुई आशुतोष महाराज की एंट्री

इस मामले में 24 जनवरी को आशुतोष महाराज की एंट्री की हुई। उन्होंने प्रयागराज में कमिश्नर से शिकायत की। आशुतोष महाराज ने आरोप लगाया कि अविमुक्तेश्वरानंद ने दो बाल बटुकों का यौन शोषण किया। उनके आश्रम में दो नाबालिग बच्चों के साथ कुकर्म हुआ। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद(Shankaracharya Avimukteshwaranand News) पर नाबालिग बच्चों के यौन शोषण का मुकदमा 21 फरवरी को दर्ज हुआ। यह आदेश प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट ने जारी किया। 13 फरवरी को इस मामले में नाबालिग बच्चों के बयान दर्ज किए गए थे।

दावा : अविमुक्तेश्वरानंद के पास आया डिप्टी सीएम का फोन?

आशुतोष महाराज ने प्रेस कांफ्रेंस में दावा किया कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के पास धरने के पहले दिन ही एक डिप्टी सीएम का फोन आया और उन्होंने कहा कि जब तक मैं न आऊं, आप धरने से मत उठना। मैं ही आकर आपको पानी पिलाउंगा।

सवाल : डिप्टी सीएम के फोन की जानकारी आशुतोष महाराज को कैसे?

अब यह सवाल उठता है कि आशुतोष महाराज के पास यह जानकारी आई कैसे? क्या डिप्टी सीएम का फोन रिकॉर्ड हो रहा? या फिर यह जानकारी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर से मिली? सवाल यह भी उठता है कि अगर यह रिकॉर्डिंग आशुतोष महाराज के पास आई तो यह किसने मुहैया करवाई? क्या पर्दे के पीछे कोई खेल चल रहा है?

सवाल : क्या सब प्लांड

आशुतोष महाराज के दावे के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या सारा कुछ पहले से प्लांड था। क्या शंकराचार्य का पालकी में संगम तक जाना एक सोची समझी साजिश थी?

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