गयाजी में हत्या और आर्म्स एक्ट के कई मामलों में फरार चल रहे 50 हजार रुपए के इनामी बदमाश मोहन मांझी को पुलिस ने अरेस्ट किया है। उसके साथ सहयोगी सोनु मांझी भी गिरफ्तार हुआ है। दोनों को बोधगया मुहान के पास से पकड़ा गया। पकड़ा गया बदमाश डेल्हा थाने का वांटेड घोषित था। डीएसपी धर्मेंद्र भारती ने बताया कि वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले में लगातार बदमाशों के खिलाफ अभियान चल रहा है। इसी कड़ी में मोहन मांझी की गिरफ्तारी के लिए खास टीम बनाई गई थी। टीम में नगर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन और नगर-2 डीएसपी के नेतृत्व में डेल्हा थाना पुलिस और तकनीकी शाखा को शामिल किया गया था। पुलिस को इनपुट मिला था कि मोहन मांझी कोलकाता से गया की ओर आ रहा है और सरबहदा की तरफ जाएगा। सूचना मिलते ही टीम ने बोधगया मुहान के पास जाल बिछाया। पुलिस को देखते ही दो युवक भागने लगे। जवानों ने दौड़ाकर दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान मोहन मांझी और सोनु मांझी के रूप में हुई। गाली गलौच के बाद मार दी थी गोली पुलिस के अनुसार, मोहन मांझी डेल्हा थाना क्षेत्र के अंदर बैरागी भुईटोली का रहने वाला है और लंबे समय से फरार था। उस पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था।
धर्मेंद्र भारती ने बताया कि मामला 3 अगस्त 2025 का है। एक महिला ने बयान दिया था कि उसका बेटा घर के पास क्रॉस कर रहा था। तभी मोहन मांझी अपने साथियों के साथ पहुंचा और गाली-गलौज हुई। फिर मारपीट शुरू हुई। विरोध करने पर आरोपियों ने गोली मार कर युवक की हत्या कर दी। इस मामले में डेल्हा थाना कांड संख्या 170/25 दर्ज हुआ था। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों ने हत्या कांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। पुलिस पहले ही इस केस में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। बाकी की तलाश जारी है। मोहन मांझी का आपराधिक रिकॉर्ड भी लंबा है। उस पर रंगदारी, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के कई केस दर्ज हैं। पुलिस अब उससे जुड़े नेटवर्क को खंगाल रही है।
गया पुलिस का कहना है कि जिले में अपराधियों के खिलाफ अभियान और तेज होगा। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। गयाजी में हत्या और आर्म्स एक्ट के कई मामलों में फरार चल रहे 50 हजार रुपए के इनामी बदमाश मोहन मांझी को पुलिस ने अरेस्ट किया है। उसके साथ सहयोगी सोनु मांझी भी गिरफ्तार हुआ है। दोनों को बोधगया मुहान के पास से पकड़ा गया। पकड़ा गया बदमाश डेल्हा थाने का वांटेड घोषित था। डीएसपी धर्मेंद्र भारती ने बताया कि वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले में लगातार बदमाशों के खिलाफ अभियान चल रहा है। इसी कड़ी में मोहन मांझी की गिरफ्तारी के लिए खास टीम बनाई गई थी। टीम में नगर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन और नगर-2 डीएसपी के नेतृत्व में डेल्हा थाना पुलिस और तकनीकी शाखा को शामिल किया गया था। पुलिस को इनपुट मिला था कि मोहन मांझी कोलकाता से गया की ओर आ रहा है और सरबहदा की तरफ जाएगा। सूचना मिलते ही टीम ने बोधगया मुहान के पास जाल बिछाया। पुलिस को देखते ही दो युवक भागने लगे। जवानों ने दौड़ाकर दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान मोहन मांझी और सोनु मांझी के रूप में हुई। गाली गलौच के बाद मार दी थी गोली पुलिस के अनुसार, मोहन मांझी डेल्हा थाना क्षेत्र के अंदर बैरागी भुईटोली का रहने वाला है और लंबे समय से फरार था। उस पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था।
धर्मेंद्र भारती ने बताया कि मामला 3 अगस्त 2025 का है। एक महिला ने बयान दिया था कि उसका बेटा घर के पास क्रॉस कर रहा था। तभी मोहन मांझी अपने साथियों के साथ पहुंचा और गाली-गलौज हुई। फिर मारपीट शुरू हुई। विरोध करने पर आरोपियों ने गोली मार कर युवक की हत्या कर दी। इस मामले में डेल्हा थाना कांड संख्या 170/25 दर्ज हुआ था। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों ने हत्या कांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। पुलिस पहले ही इस केस में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। बाकी की तलाश जारी है। मोहन मांझी का आपराधिक रिकॉर्ड भी लंबा है। उस पर रंगदारी, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के कई केस दर्ज हैं। पुलिस अब उससे जुड़े नेटवर्क को खंगाल रही है।
गया पुलिस का कहना है कि जिले में अपराधियों के खिलाफ अभियान और तेज होगा। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।


