बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता रथ निकाला:बच्चों के अधिकारों पर दिया संदेश, कहा- विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता

सामाजिक संस्था दिशा एक प्रयास, भोजपुर व जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के संयुक्त देखरेख में मंगलवार को भोजपुर के आरा सदर, कोईलवर व बड़हरा प्रखंड में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता रथ निकाला गया। इस जन-जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह के दुष्परिणामों, बाल श्रम की समस्या और बच्चों के अधिकारों को लेकर आमजन को जागरूक करना रहा। जागरूकता रथ को बाल संरक्षण इकाई भोजपुर के निदेशक आलोक कुमार गौतम, शक्ति भास्कर, बाल कल्याण समिति भोजपुर के अध्यक्ष अंशुमान जॉर्ज, समिति के सदस्य रंजन सिंह, अंकू कुमार, तथा पुलिस विभाग से सब इंस्पेक्टर योगेंद्र सिंह और गृह रक्षक अजय सिंह ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रथ के माध्यम से गांव-गांव पहुंचकर माइकिंग के जरिए लोगों को जागरूक किया गया। सामाजिक विकास पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ता इस अवसर पर कुमारी सुनीता सिंह ने बाल विवाह पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालता है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह न केवल एक सामाजिक कुरीति है, बल्कि यह कानूनन अपराध भी है। बाल विवाह के कारण बच्चों की शिक्षा बाधित होती है, स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं बढ़ती हैं और मातृ व शिशु मृत्यु दर में भी वृद्धि होती है। जागरूकता रथ के साथ चल रही माइकिंग के माध्यम से ग्रामीणों को यह संदेश दिया गया कि बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का अधिकार है। कम उम्र में विवाह बच्चों के सपनों और संभावनाओं को कुचल देता है। बाल विवाह के खिलाफ मदद का आश्वासन अभियान के दौरान ग्रामीणों ने संदेश को गंभीरता से सुना और कई स्थानों पर लोगों ने बाल विवाह के खिलाफ मदद का आश्वासन भी दिया। संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि आगे भी इस तरह के जन-जागरूकता अभियान निरंतर चलाए जाएंगे, ताकि भोजपुर को बाल विवाह मुक्त बनाया जा सके और बच्चों के अधिकारों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाई जा सके। सामाजिक संस्था दिशा एक प्रयास, भोजपुर व जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के संयुक्त देखरेख में मंगलवार को भोजपुर के आरा सदर, कोईलवर व बड़हरा प्रखंड में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता रथ निकाला गया। इस जन-जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह के दुष्परिणामों, बाल श्रम की समस्या और बच्चों के अधिकारों को लेकर आमजन को जागरूक करना रहा। जागरूकता रथ को बाल संरक्षण इकाई भोजपुर के निदेशक आलोक कुमार गौतम, शक्ति भास्कर, बाल कल्याण समिति भोजपुर के अध्यक्ष अंशुमान जॉर्ज, समिति के सदस्य रंजन सिंह, अंकू कुमार, तथा पुलिस विभाग से सब इंस्पेक्टर योगेंद्र सिंह और गृह रक्षक अजय सिंह ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रथ के माध्यम से गांव-गांव पहुंचकर माइकिंग के जरिए लोगों को जागरूक किया गया। सामाजिक विकास पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ता इस अवसर पर कुमारी सुनीता सिंह ने बाल विवाह पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालता है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह न केवल एक सामाजिक कुरीति है, बल्कि यह कानूनन अपराध भी है। बाल विवाह के कारण बच्चों की शिक्षा बाधित होती है, स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं बढ़ती हैं और मातृ व शिशु मृत्यु दर में भी वृद्धि होती है। जागरूकता रथ के साथ चल रही माइकिंग के माध्यम से ग्रामीणों को यह संदेश दिया गया कि बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का अधिकार है। कम उम्र में विवाह बच्चों के सपनों और संभावनाओं को कुचल देता है। बाल विवाह के खिलाफ मदद का आश्वासन अभियान के दौरान ग्रामीणों ने संदेश को गंभीरता से सुना और कई स्थानों पर लोगों ने बाल विवाह के खिलाफ मदद का आश्वासन भी दिया। संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि आगे भी इस तरह के जन-जागरूकता अभियान निरंतर चलाए जाएंगे, ताकि भोजपुर को बाल विवाह मुक्त बनाया जा सके और बच्चों के अधिकारों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाई जा सके।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *