हैवान बाप ने बेटी को कर डाला गर्भवती! मां काम से बाहर जाती फिर करता था रेप

हैवान बाप ने बेटी को कर डाला गर्भवती! मां काम से बाहर जाती फिर करता था रेप

Father Raped Daughter: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है। यहां एक 16 साल की किशोरी, जो अपने घर की चहारदीवारी को दुनिया की सबसे सुरक्षित जगह समझती थी, उसे नहीं पता था कि उसी छत के नीचे एक हैवान छिपा बैठा है। बच्ची के सौतेले पिता ने उसके साथ दुष्कर्म किया।

पेट दर्द ने खोला हैवानियत का राज

घटना का खुलासा तब हुआ जब किशोरी के पेट में अक्सर दर्द रहने लगा। मां ने पहले तो इसे सामान्य समस्या समझकर घरेलू उपचार किए, लेकिन जब कोई फायदा नहीं हुआ तो वह मंगलवार को अपनी बेटी को लेकर अस्पताल पहुंची। अस्पताल में चिकित्सकों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) किया। रिपोर्ट आते ही डॉक्टर और मां दोनों सन्न रह गए; जांच में पुष्टि हुई कि किशोरी 4 माह की गर्भवती है।

बेबस बेटी की आपबीती: हत्या की धमकी देकर चुप कराता था आरोपी

गर्भवती होने की बात सामने आते ही किशोरी फफक-फफक कर रो पड़ी और उसने अपने सौतेले पिता की घिनौनी करतूतों को बयां किया। उसने बताया कि जब भी उसकी मां खेत पर काम करने या किसी घरेलू काम से बाहर जाती थी, पीछे से सौतेला पिता उसके साथ दरिंदगी करता था। जब उसने विरोध करने की कोशिश की, तो आरोपी उसे और उसकी मां को जान से मारने की धमकी देता था। इसी खौफ के कारण वह इतने महीनों तक खामोश रही और अपनी मां को भी कुछ नहीं बता सकी।

पुलिस की कार्रवाई और FIR दर्ज

मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ (CO) प्रगति चौहान ने बताया कि बुधवार को पीड़िता की मां ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज करवाई। मां की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पाक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

वहीं, एसपी (SP) सुकीर्ति माधव ने बताया कि जैसे ही मंगलवार को अस्पताल में जांच के बाद मामले का खुलासा हुआ, आरोपी पिता को भनक लग गई और वह घर से फरार हो गया। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं और जल्द ही उसे सलाखों के पीछे भेजने का आश्वासन दिया गया है।

भविष्य पर संकट और सामाजिक चिंता

मात्र 16 साल की उम्र में इस भयावह दौर से गुजर रही किशोरी के भविष्य को लेकर स्वजन और पुलिस अब विचार कर रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि किशोरी 4 माह की गर्भवती है, ऐसे में उसकी सेहत और मानसिक स्थिति दोनों ही नाजुक बनी हुई है। यह घटना एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और घरेलू वातावरण में होने वाले अपराधों के प्रति समाज को सचेत करती है।

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