राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज, अस्थावां में दूर-दराज से आकर पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। उन्हें अब रहने के लिए निजी कमरों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। कॉलेज परिसर में 50 करोड़ 85 लाख 11 हजार रुपये की लागत से 600 बेड के विशाल छात्रावास का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग से स्वीकृति मिलने के बाद भवन निर्माण विभाग ने इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है। खत्म होगी किराये के मकान की मजबूरी वर्तमान में कॉलेज में केवल 100 छात्रों और 100 छात्राओं के लिए ही हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध है। क्षमता कम होने के कारण सैकड़ों छात्र-छात्राओं को मजबूरी में बाहर निजी कमरे किराये पर लेकर रहना पड़ता है। इससे उनका आर्थिक नुकसान तो होता ही है, साथ ही रोज कॉलेज आने-जाने में काफी समय भी बर्बाद होता है। नये छात्रावास में 300 छात्रों और 300 छात्राओं के रहने की अलग-अलग व्यवस्था होगी। इससे विद्यार्थियों के समय और पैसे दोनों की बचत होगी। बन रहा है छह मंजिला इमारत कॉलेज के हेड मास्टर डॉ. आनंद कृष्णा ने बताया कि भवन निर्माण विभाग की ओर से छात्रावास का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। छात्रों के लिए बन रहे इस हॉस्टल के सामने लगभग सवा एकड़ जमीन उपलब्ध है, जहां आधुनिक सुविधाओं से लैस छह मंजिला (सिक्स फ्लोर) इमारत बनाई जा रही है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का हब है अस्थावां पॉलीटेक्निक हेड मास्टर ने बताया कि वर्तमान में कॉलेज में इलेक्ट्रॉनिक्स, सिविल और कंप्यूटर साइंस समेत अन्य ब्रांचों में करीब एक हजार विद्यार्थी नामांकित हैं। राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज, अस्थावां ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का हब बन चुका है। यहां के छात्रों को आईआईटी (IIT) पटना के सहयोग से आईओटी (IoT – इंटरनेट ऑफ थिंग्स) और एआई (AI – आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) जैसी आधुनिक तकनीकों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। इसी बेहतरीन पढ़ाई का नतीजा है कि अक्सर कई नामी कंपनियों की ओर से यहां के छात्र-छात्राओं का शानदार प्लेसमेंट किया जाता है। नई आवासीय सुविधा मिलने से इस शैक्षणिक माहौल को और मजबूती मिलेगी। राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज, अस्थावां में दूर-दराज से आकर पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। उन्हें अब रहने के लिए निजी कमरों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। कॉलेज परिसर में 50 करोड़ 85 लाख 11 हजार रुपये की लागत से 600 बेड के विशाल छात्रावास का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग से स्वीकृति मिलने के बाद भवन निर्माण विभाग ने इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है। खत्म होगी किराये के मकान की मजबूरी वर्तमान में कॉलेज में केवल 100 छात्रों और 100 छात्राओं के लिए ही हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध है। क्षमता कम होने के कारण सैकड़ों छात्र-छात्राओं को मजबूरी में बाहर निजी कमरे किराये पर लेकर रहना पड़ता है। इससे उनका आर्थिक नुकसान तो होता ही है, साथ ही रोज कॉलेज आने-जाने में काफी समय भी बर्बाद होता है। नये छात्रावास में 300 छात्रों और 300 छात्राओं के रहने की अलग-अलग व्यवस्था होगी। इससे विद्यार्थियों के समय और पैसे दोनों की बचत होगी। बन रहा है छह मंजिला इमारत कॉलेज के हेड मास्टर डॉ. आनंद कृष्णा ने बताया कि भवन निर्माण विभाग की ओर से छात्रावास का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। छात्रों के लिए बन रहे इस हॉस्टल के सामने लगभग सवा एकड़ जमीन उपलब्ध है, जहां आधुनिक सुविधाओं से लैस छह मंजिला (सिक्स फ्लोर) इमारत बनाई जा रही है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का हब है अस्थावां पॉलीटेक्निक हेड मास्टर ने बताया कि वर्तमान में कॉलेज में इलेक्ट्रॉनिक्स, सिविल और कंप्यूटर साइंस समेत अन्य ब्रांचों में करीब एक हजार विद्यार्थी नामांकित हैं। राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज, अस्थावां ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का हब बन चुका है। यहां के छात्रों को आईआईटी (IIT) पटना के सहयोग से आईओटी (IoT – इंटरनेट ऑफ थिंग्स) और एआई (AI – आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) जैसी आधुनिक तकनीकों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। इसी बेहतरीन पढ़ाई का नतीजा है कि अक्सर कई नामी कंपनियों की ओर से यहां के छात्र-छात्राओं का शानदार प्लेसमेंट किया जाता है। नई आवासीय सुविधा मिलने से इस शैक्षणिक माहौल को और मजबूती मिलेगी।


