सिंधुदुर्ग (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि मालवण तहसील के देवली गांव में चिलचिलाती धूप के बीच आसमान से अचानक बर्फ का एक विशाल टुकड़ा गिरा। करीब 5 किलो वजनी यह बर्फ का गोला ‘खालची परबवाडी’ निवासी विजय मधुकर देऊलकर के घर की छत फाड़कर सीधे रसोई में जा गिरा। इस रहस्यमयी घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
यह घटना शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे की है। उस समय विजय देऊलकर की पत्नी अर्चना रसोई में काम कर रही थीं और परिवार के अन्य सदस्य भी घर के भीतर ही थे। तभी अचानक छत पर कुछ गिरने की कान फाड़ देने वाली आवाज हुई। आवाज इतनी जोरदार थी कि परिवार को लगा मानो घर पर कोई भारी पत्थर गिरा हो।
छत की खपरैल और लकड़ी की पट्टी टूटी
आसमान से गिरे इस बर्फ के भारी टुकड़े का वेग इतना ज्यादा था कि घर की छत पर लगी खपरैल (Tiles) चकनाचूर हो गईं। यही नहीं, छत को सहारा देने वाली मजबूत लकड़ी की पट्टी भी इस वजन को नहीं झेल पाई और टूट गई। बर्फ का गोला छत को छेदते हुए सीधे रसोई के फर्श पर जा गिरा।
बिना बादल और बारिश के कैसे गिरा बर्फ?
हैरानी की बात यह है कि जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त आसमान बिल्कुल साफ था और तेज धूप निकली हुई थी। बारिश या बादलों का कोई नामोनिशान नहीं था। गांव के सरपंच श्याम वाक्कर ने मौके पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया और प्रशासन को इसकी सूचना दी है।
‘ब्लू आइस’ या कोई खगोलीय घटना?
गांव में अब इस बात को लेकर बहस छिड़ गई है कि यह प्राकृतिक ओला है या किसी हवाई जहाज से गिरा हुआ ‘ब्लू आइस’ (हवाई जहाज के टॉयलेट का जमा हुआ कचरा)। अक्सर ऊंचाई पर उड़ते विमानों से टॉयलेट लीकेज के कारण बर्फ जम जाती है जो नीचे गिरती है। वहीं कुछ लोग इस घटना को किसी अन्य खगोलीय घटना से भी जोड़कर देख रहे हैं।
वैज्ञानिक कारणों का पता लगाने के लिए विजय देऊलकर ने बर्फ के टुकड़े का एक नमूना फ्रिज में सुरक्षित रखा है ताकि जांच की जा सके। प्रशासन की रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि आखिर चिलचिलाती धूप में आसमान से मौत बनकर ये बर्फ का गोला कहां से आया।


