Mallikarjun Kharge से मिले अरुणाचल कांग्रेस नेता, ताकसिंग सीमा और Siang Project पर सौंपा ज्ञापन

Mallikarjun Kharge से मिले अरुणाचल कांग्रेस नेता, ताकसिंग सीमा और Siang Project पर सौंपा ज्ञापन

ईटानगर, तीन नवंबर अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) ने मंगलवार को कहा कि उसके अध्यक्ष बोसिराम सिरम ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपर सुबनसिरी जिले के ताकसिंग में उभरती सीमा संबंधी चिंताओं और सियांग क्षेत्र में प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की जलविद्युत परियोजना के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों के कारण उत्पन्न कानून-व्यवस्था की स्थिति से अवगत कराया। पार्टी के एक बयान के अनुसार, सिरम ने अरुणाचल प्रदेश के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के प्रभारी ए. चेल्लाकुमार और मैथ्यू एंटनी के साथ सोमवार को नयी दिल्ली में खरगे से उनके आवास पर मुलाकात की और उन्हें विस्तृत ज्ञापन सौंपे। इन ज्ञापनों में सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासियों और प्रस्तावित विशाल बांध परियोजना से प्रभावित होने की आशंका वाले मूल निवासी समुदायों की चिंताओं को रेखांकित किया गया।

कांग्रेस नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय सीमा और प्रस्तावित सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट (एसयूएमपी) से जुड़े मुद्दों पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से हस्तक्षेप की मांग की। ताकसिंग में सीमा की स्थिति के बारे में सिरम ने एक जमीनी रिपोर्ट पेश की, जिसमें इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीमावर्ती गांव के सामने मौजूद सुरक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़ी चुनौतियों का उल्लेख किया गया। सिरम ने खरगे को बताया कि उन्होंने स्थिति का आकलन करने और स्थानीय लोगों की समस्याओं को समझने के लिए पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ खुद ताकसिंग का दौरा किया था।

उन्होंने याद दिलाया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग करते हुए भारत के उपराष्ट्रपति को भी ज्ञापन सौंपा था। पार्टी ने अरुणाचल रेजिमेंट के गठन, ताकसिंग और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में हर मौसम में इस्तेमाल योग्य सड़क संपर्क तथा व्यापक बुनियादी ढांचे के विकास की अपनी मांग दोहराई। इसके अलावा, सीमावर्ती इलाकों में तैनात सुरक्षा बलों को पर्याप्त रसद और अभियान संबंधी सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी की।

प्रदेश कांग्रेस ने संवेदनशील सीमावर्ती स्थानों की जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिए सभी दलों के सांसदों और राजनीतिक नेताओं के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल के दौरे की भी मांग की। बैठक में दूसरा प्रमुख मुद्दा प्रस्तावित जलविद्युत परियोजना का रहा। सिरम ने खरगे को सियांग और अपर सियांग जिलों के परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में मूल निवासी समुदायों के बीच बढ़ते विरोध से अवगत कराया।

सियांग नदी पर प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की यह परियोजना भारत की सबसे बड़ी नियोजित जलविद्युत परियोजनाओं में से एक है। बिजली उत्पादन के अलावा, तिब्बत में यारलुंग त्सांगपो नदी पर चीन की प्रस्तावित विशाल बांध परियोजना के मद्देनजर इसे रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, इस परियोजना को लेकर स्थानीय समुदायों में विस्थापन, पैतृक भूमि के जलमग्न होने, आजीविका के नुकसान और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर आशंकाएं हैं।

सिरम ने खरगे को बताया कि प्रदेश कांग्रेस ने लोगों की चिंताओं का आकलन करने के लिए एक अध्ययन-सह-तथ्य अन्वेषण समिति गठित की थी, जिसने सियांग और अपर सियांग जिलों में परियोजना से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने भी प्रस्तावित परियोजना के संभावित प्रभावों के बारे में स्थानीय लोगों से प्रत्यक्ष जानकारी जुटाने के लिए कई गांवों का दौरा किया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित समुदाय विशाल बांध के निर्माण का लगातार विरोध कर रहे हैं।

सिरम ने पार्टी अध्यक्ष के सामने 10 सूत्री मांगपत्र रखते हुए एसयूएमपी विरोधी प्रदर्शनों के सिलसिले में हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को तत्काल और बिना शर्त रिहा करने तथा कानूनी प्रक्रिया के अधीन अरुणाचल प्रदेश गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (एपीयूएपीए) के तहत दर्ज मामले वापस लेने की मांग की। प्रदेश कांग्रेस के अनुसार, खरगे ने नेताओं की बात ध्यानपूर्वक सुनी और उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर संज्ञान लिया। पार्टी ने कहा कि खरगे ने सिरम को आश्वासन दिया कि कांग्रेस प्रभावित लोगों और मूल निवासी जनजातीय समुदायों के साथ खड़ी रहेगी तथा उन पर अनुचित कठिनाइयां थोपने के किसी भी प्रयास का विरोध करेगी।

कांग्रेस अध्यक्ष ने अरुणाचल प्रदेश के लोगों के अधिकारों, गरिमा, हितों और लोकतांत्रिक आकांक्षाओं की रक्षा के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

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