बागपत (उप्र), दो नवंबर राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी ने सोमवार को दावा किया कि पार्टी प्रमुख जयंत चौधरी के सहयोग से उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार बनेगी। उत्तर प्रदेश में 2022 का विधानसभा चुनाव समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन में लड़ने वाला रालोद 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले राजग में शामिल हो गया था। अब पार्टी राजग के घटक दल के रूप में 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ेगी।
त्रिलोक त्यागी ने कहा कि जयंत चौधरी को साथ लेकर बागपत से बलिया और गाजियाबाद से गाजीपुर तक पार्टी संगठन को मजबूत करने का काम किया जा रहा है। खेकड़ा स्थित एमएम कॉलेज में आयोजित समरसता सम्मेलन में त्रिलोक त्यागी ने आयोजकों के नशा मुक्ति अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि राजनीति का मतलब केवल कुर्ता-पायजामा पहनना नहीं, बल्कि लोगों के बीच बैठकर उनकी समस्याओं को समझना भी है।
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह शराब पीने वाले व्यक्ति को चुनाव में टिकट देने के पक्ष में नहीं थे। उन्होंने चौधरी चरण सिंह को आर्य समाज की विचारधारा से जुड़ा व्यक्ति बताते हुए कहा कि उन्हें मुसलमानों से कोई परेशानी नहीं थी और उन्होंने गाजियाबाद से एक मुस्लिम उम्मीदवार को चुनाव लड़ाया था। त्रिलोक त्यागी ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने किसानों को एकजुट किया और 1980 के दशक में मुलायम सिंह यादव को एक नेता के रूप में आगे बढ़ाया।
उन्होंने लोगों से जयंत चौधरी का साथ देने की अपील की। रालोद नेता ने कहा कि चुनाव में टिकट मांगने और देने का सिलसिला चलता रहेगा, लेकिन नेताओं को जनता के बीच बैठकर उनकी समस्याएं समझना सीखना चाहिए। उन्होंने चौधरी चरण सिंह के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि पहले नहर की पटरी और नलकूपों तक जाने वाली सड़कों पर चलने के कारण किसानों के चालान काटे जाते थे और वे अपनी बोगी लेकर निकलने से डरते थे तथा चौधरी चरण सिंह ने इस व्यवस्था को बदला।
उन्होंने दावा किया कि जयंत चौधरी ने गन्ने के मूल्य को लेकर आवाज उठाई, जिसके बाद सरकार ने #गन्ने का मूल्य बढ़ाकर 400 रुपये प्रति क्विंटल किया। उन्होंने कहा कि पहले किसानों को आलू और गन्ने के उचित मूल्य के लिए सड़कों पर संघर्ष करना पड़ता था, जबकि अब वे अपनी मांगें सीधे मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के सामने रख सकते हैं। महिलाओं के आरक्षण पर उन्होंने कहा कि 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने के बाद अब इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की मांग की जानी चाहिए।
उन्होंने इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि जयंत चौधरी महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं।

