उदयपुर में भाजपा के जिला परिषद प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी:रिसॉर्ट में मनेगी 47 प्रत्याशियों की दिवाली, 26 दिन रहेंगे कैद; प्रमुख के 5 दावेदार

उदयपुर में भाजपा के जिला परिषद प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी:रिसॉर्ट में मनेगी 47 प्रत्याशियों की दिवाली, 26 दिन रहेंगे कैद; प्रमुख के 5 दावेदार

उदयपुर जिला परिषद चुनाव में दो चरणों की वोटिंग पूरी होते ही सियासी पारा चढ़ गया है। अपना बोर्ड और जिला प्रमुख बनाने के लिए भाजपा ने अभी से अपने प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी शुरू कर दी है। जिला पदाधिकारियों ने रविवार को फोन कर 25 से ज्यादा प्रत्याशियों को राजसमंद के एक रिसॉर्ट में भिजवाया। हालांकि अभी तीसरे चरण का मतदान होना बाकी है, लेकिन पार्टी कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। 20 नवंबर को रिजल्ट आने के बाद इन दिग्गज नेताओं की जीत और लॉबिंग ही तय करेगी कि जिला प्रमुख की रेस में कौन आगे रहेगा। उप जिला प्रमुख का चुनाव 26 नवंबर को होगा। ऐसे में तय है कि भाजपा के सभी 47 प्रत्याशियों को 26 दिन तक बाड़ेबंदी में ही रहना पड़ेगा। इस बार उनकी दिवाली घर के बजाय रिसॉर्ट में ही मनेगी। वहीं, भाजपा का बोर्ड बनने की स्थिति में जिला प्रमुख की कुर्सी के लिए पार्टी के 5 बड़े चेहरों के बीच अभी से खींचतान शुरू हो गई है, जो अलग-अलग दिग्गज नेताओं के गुट से जुड़े हैं। 25 से ज्यादा प्रत्याशी राजसमंद के रिसॉर्ट पहुंचे जिला परिषद की कुल 47 सीटों में से दो चरणों के चुनाव हो चुके हैं। भाजपा के जिला पदाधिकारियों ने रविवार को सभी प्रत्याशियों को फोन किए, जिनके वार्ड में वोटिंग हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार, 25 से ज्यादा प्रत्याशियों को एक साथ बसों और गाड़ियों से राजसमंद जिले के एक रिसॉर्ट में शिफ्ट कर दिया गया। कुछ प्रत्याशियों ने निजी काम का हवाला देकर सोमवार तक रिसॉर्ट पहुंचने की बात कही है। 3 नवंबर को आखिरी वोटिंग, 26 दिन बाद ही घर जा सकेंगे प्रत्याशी जिले के कुल 47 वार्डों में से बचे हुए 8 वार्डों में तीसरे चरण के तहत 3 नवंबर को वोटिंग होगी। इन 8 वार्डों के प्रत्याशियों को भी वोटिंग खत्म होते ही सीधे राजसमंद के रिसॉर्ट में बुला लिया जाएगा। चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक 20 नवंबर को काउंटिंग होगी। इसके बाद 25 नवंबर को जिला प्रमुख और 26 नवंबर को उप जिला प्रमुख का चुनाव होगा। 1 नवंबर से शुरू हुई यह बाड़ेबंदी 26 नवंबर तक पूरे 26 दिन चलेगी। उप जिला प्रमुख की वोटिंग होने के बाद ही प्रत्याशियों को घर जाने की इजाजत मिलेगी। जिला प्रमुख की रेस में ये 5 बड़े नाम भाजपा का बोर्ड बनने की सूरत में जिला प्रमुख कौन बनेगा। इसे लेकर रिसॉर्ट से लेकर पार्टी कार्यालय तक 5 नाम सबसे आगे चल रहे हैं। हालांकि ऐसे में 20 नवंबर को नतीजे आने के बाद इन दिग्गज नेताओं की लॉबिंग ही तय करेगी कि जिला प्रमुख की रेस में कौन आगे हैं। चंद्रगुप्त सिंह चौहान: भाजपा देहात के पूर्व जिलाध्यक्ष रह चुके हैं और संगठन में काम करने का अनुभव है। दलीचंद डांगी: मावली से विधायक रह चुके हैं, इसलिए राजनीतिक स्तर पर मजबूत पकड़ रखते हैं। हिम्मत सिंह झाला: वल्लभनगर सीट से भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं और क्षेत्र में बड़ा नाम हैं। प्रतिभा नागदा: बड़गांव पंचायत समिति की पूर्व प्रधान रह चुकी हैं। पंचायती राज के कामकाज का अच्छा अनुभव है। घनश्याम मेनारिया: जिला प्रमुख के दावेदारों में इनका नाम चर्चा में है। हालांकि इनके पास पहले किसी बड़े पद का राजनीतिक अनुभव नहीं है। दिग्गजों की गुटबाजी से तय होगी कुर्सी, जानिए कौन किस खेमे से जिला प्रमुख की इस दौड़ में प्रत्याशियों के साथ-साथ पार्टी के बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है।

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