डीआरएम ने किया जयपुर जंक्शन का औचक निरीक्षण, भीड़ कंट्रोल के लिए नया प्लान लागू, निकासी के लिए खुलेगा नया गेट

डीआरएम ने किया जयपुर जंक्शन का औचक निरीक्षण, भीड़ कंट्रोल के लिए नया प्लान लागू, निकासी के लिए खुलेगा नया गेट

जयपुर। दिवाली और छठ पूजा के दौरान जयपुर जंक्शन पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राजस्थान पत्रिका की तरफ से स्टेशन पर क्राउड मैनेजमेंट की व्यवस्थाओं में देरी का मुद्दा उठाने के बाद रविवार को डीआरएम रवि जैन ने अधिकारियों के साथ करीब दो घंटे तक स्टेशन का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर ही भीड़ प्रबंधन की योजना लागू करने और होल्डिंग एरिया का काम तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए। इसके बाद स्टेशन परिसर में होल्डिंग एरिया तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इसके सोमवार रात तक तैयार होने की संभावना है।

निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही, प्लेटफॉर्म और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने यात्रियों से बातचीत कर सुविधाओं और व्यवस्थाओं को लेकर फीडबैक भी लिया। डीआरएम ने अधिकारियों को रोलिंग क्राउड मैनेजमेंट प्लान तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए। इस योजना के तहत यात्रियों को होल्डिंग एरिया में रोका जाएगा और ट्रेन के प्रस्थान समय के अनुसार उन्हें चरणबद्ध तरीके से प्लेटफॉर्म पर प्रवेश दिया जाएगा। इससे एक साथ बड़ी संख्या में यात्रियों के प्लेटफॉर्म पर पहुंचने से बनने वाली भीड़ को नियंत्रित किया जा सकेगा। रेलवे का उद्देश्य स्टेशन परिसर में यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित रखना और भगदड़ जैसी स्थिति की आशंका को कम करना है।

4 से 16 नवंबर तक दूसरे गेट से होगा निकास

त्योहारी भीड़ को देखते हुए जयपुर जंक्शन के नवनिर्मित द्वितीय द्वार (हसनपुरा साइड) को भी अस्थायी रूप से यात्रियों के लिए खोला जाएगा। रेलवे के अनुसार, 4 से 16 नवंबर तक इस गेट का इस्तेमाल केवल निकास के लिए किया जाएगा। यात्री इस रास्ते से स्टेशन से बाहर जा सकेंगे, लेकिन प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। फिलहाल दूसरे द्वार के पुनर्विकास कार्य के शेष हिस्सों के चलते इसे प्रवेश के लिए शुरू नहीं किया जा रहा है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि स्टेशन में प्रवेश के लिए भगवान परशुराम सर्किल की तरफ स्थित मुख्य द्वार का ही इस्तेमाल करें। दूसरे गेट की व्यवस्था का उद्देश्य मुख्य द्वार पर यात्रियों के बाहर निकलने के दबाव को कम करना है।

सीसीटीवी और आरपीएफ कंट्रोल रूम से निगरानी

डीआरएम ने स्टेशन पर स्थापित इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी सिस्टम के उपकरणों की कार्यशीलता भी जांची। अधिकारियों को सभी उपकरण सुचारू रखने और किसी भी तकनीकी समस्या का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए गए। रेलवे सुरक्षा बल के कंट्रोल रूम से स्टेशन परिसर की लगातार निगरानी होगी। वहीं, सीसीटीवी कैमरों के जरिए यात्रियों की आवाजाही और भीड़ की स्थिति पर नजर रखी जाएगी।

24 घंटे सक्रिय रहेंगे वॉर रूम

रेलवे प्रशासन ने मुख्यालय और सभी मंडलों में 24 घंटे सक्रिय रहने वाले वॉर रूम भी स्थापित किए हैं। स्टेशन पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जा रही है। कर्मचारियों को अलर्ट मोड पर रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। रेलवे का फोकस त्योहारों के दौरान यात्रियों को सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने पर है।

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