नयी दिल्ली, एक नवंबर दिल्ली पुलिस ने नकली सिक्के बनाने और उनकी आपूर्ति करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर कथित सरगना समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब एक लाख रुपये मूल्य के 20 रुपये के नकली सिक्के बरामद किए हैं।
अपराध शाखा को एक गुप्त सूचना मिली कि आठ सितंबर को एक व्यक्ति मुंडका औद्योगिक क्षेत्र मेट्रो स्टेशन के पास नकली सिक्के पहुंचाने वाला है, जिसके बाद उसने एक अभियान चलाया। पुलिस ने बताया कि एक पुलिस टीम ने पारस जैन (45) द्वारा चलाई जा रही कार को रोका और पिछली सीट पर रखे एक बैग से 50 पॉलीथीन पाउच में रखे गए 20 रुपये के 5,000 नकली सिक्के बरामद किए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “इन सिक्कों का कुल अंकित मूल्य एक लाख रुपये था।
पुलिस ने एक आईफोन, लैपटॉप का बैग और कथित तौर पर सिक्कों की खेप पहुंचाने के लिए इस्तेमाल की गई कार भी जब्त कर ली।”
पूछताछ के दौरान, जैन ने बताया कि उसने ये नकली सिक्के उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह (58) से लिए थे। आरोप है कि उपकार लूथरा ने एक लाख रुपये अंकित मूल्य वाले इन सिक्कों को बाजार में खपाने के लिए लगभग 70,000 रुपये में उपलब्ध कराया था। पुलिस के अनुसार, जांच में पता चला कि जैन की गिरफ्तारी के बाद लूथरा हरियाणा के सोनीपत से नकली सिक्के बनाने वाली अपनी इकाई उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थानांतरित कर रहा था।
अधिकारी ने बताया, “इकाई के सामान को स्थानांतरित करते समय लूथरा और उसके सहयोगियों को सहारनपुर पुलिस के विशेष अभियान समूह ने पकड़ लिया।”
पेशी वारंट हासिल करने के बाद पांच आरोपियों को सहारनपुर जेल से दिल्ली लाया गया और अदालत में पेश किया गया। पूछताछ के बाद लूथरा, अनुराग पाल उर्फ लंकेश और जनार्दन कुमार चौरसिया उर्फ संतोष को इस मामले में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि दो अन्य आरोपियों कुलदीप और हिमांशु उर्फ गुल्लू से भी पूछताछ की गई, लेकिन प्रथम दृष्टया इस मामले में उनकी संलिप्तता सामने नहीं आई।
इस संबंध में अपराध शाखा थाने में मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाने के लिए जांच कर रही है।

