सोनभद्र में मतदाता सूची से किसी का नाम कटवाने के लिए फार्म-7 से झूठी या मनगढ़ंत शिकायत करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। दोषी पाए जाने पर एक साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी चर्चित गौड़ ने नागरिकों से फार्म-7 में सही जानकारी देने की अपील की है।
जिलाधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए फार्म-7 के इस्तेमाल को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची तैयार करने, उसमें संशोधन करने या किसी प्रविष्टि को जोड़ने अथवा हटाने के लिए जानबूझकर गलत जानकारी देना कानूनन कार्रवाई का कारण बन सकता है। ऐसा तब भी लागू होगा, जब कोई व्यक्ति लिखित घोषणा में ऐसी बात कहे जिसे वह गलत जानता हो या जिसके सही होने पर उसे भरोसा न हो।
डीएम ने कहा कि अगर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को पता चलता है कि फार्म-7 के जरिए किसी मतदाता का नाम हटवाने के लिए झूठी या मनगढ़ंत शिकायत की गई है, तो आवेदक के खिलाफ धारा 31 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने नागरिकों से कहा कि मतदाता सूची से नाम हटवाने या उसमें संशोधन के लिए आवेदन करते समय किसी के बहकावे में न आएं। फार्म-7 में केवल सही और तथ्यात्मक जानकारी दें और किसी के खिलाफ दुर्भावना से गलत शिकायत न करें। उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया निष्पक्ष बनाए रखने के लिए नागरिकों से सहयोग की अपील की।

