नरसिंहपुर जिले के करेली में बिना अनुमति और तकनीकी मंजूरी के 200 केवीए ट्रांसफॉर्मर शिफ्ट करने का काम शुरू कर दिया गया। मामले में बिजली कंपनी ने प्रभारी कनिष्ठ अभियंता गोविंद नरवरिया को निलंबित कर दिया है। वहीं, ठेकेदार के खिलाफ विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 138 के तहत करेली थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। आवेदन के दो दिन बाद शुरू किया काम मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के मुताबिक, ट्रांसफॉर्मर शिफ्ट करने के लिए 28 अक्टूबर को आवेदन दिया गया था। नियमानुसार इसके लिए प्राक्कलन तैयार कर सक्षम अधिकारी से मंजूरी लेना जरूरी था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसके बावजूद 30 अक्टूबर को ठेकेदार ने क्रेन की मदद से ट्रांसफॉर्मर शिफ्ट करने का काम शुरू कर दिया। जांच के बाद रुकवाया काम, उपकरण जब्त सूचना मिलने पर अधीक्षण अभियंता ने सहायक अभियंता करेली ए.के. दुबे को जांच के लिए मौके पर भेजा। उन्होंने बिना मंजूरी चल रहा काम रुकवाया और ठेकेदार के उपकरण जब्त कराए। इसके बाद ट्रांसफॉर्मर शिफ्ट करने का काम रोक दिया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर जेई निलंबित कार्यपालन अभियंता की जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कंपनी प्रबंधन ने गोविंद नरवरिया को निलंबित करने का आदेश जारी किया। नरवरिया करेली शहर वितरण केंद्र में वरिष्ठ लाइन परिचारक और प्रभारी कनिष्ठ अभियंता के पद पर तैनात थे। कंपनी ने कहा है कि बिजली से जुड़े कामों के लिए तकनीकी और प्रशासनिक मंजूरी जरूरी है। बिना अनुमति काम करने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

