सुपौल, बिहार गृह रक्षा वाहिनी के कार्यालय में भविष्य निधि (EPF) की राशि की अवैध निकासी के मामले में जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। जांच में दोषी पाए जाने के बाद गृहरक्षक नवीन कुमार को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं, मामले में संलिप्तता सामने आने पर कार्यपालक सहायक राजेश कुमार को चयनमुक्त कर दिया गया है। इस मामले में नगर थाना सुपौल में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। दो सेवानिवृत्त गृहरक्षकों ने की थी शिकायत जिला जनसंपर्क कार्यालय की ओर से शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति संख्या 831 के अनुसार, सेवानिवृत्त गृहरक्षक महंती यादव और अर्जुन यादव ने जिलाधिकारी सावन कुमार के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि गृहरक्षक नवीन कुमार ने उनके आधार कार्ड, पासबुक और पारिवारिक सूची समेत अन्य दस्तावेजों में फेरबदल कर फर्जी कागजात तैयार किए। फर्जी हस्ताक्षर से EPF राशि निकालने का आरोप शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि फर्जी हस्ताक्षर के माध्यम से उनके EPF की राशि अवैध रूप से निकाल ली गई। आरोप के मुताबिक, निकाली गई राशि नवीन कुमार ने खुद और अपने सहयोगियों के माध्यम से हासिल की। डीएम ने गठित की थी तीन सदस्यीय जांच समिति मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई थी। समिति की जांच में गृहरक्षक नवीन कुमार को दोषी पाया गया। वहीं, जांच के दौरान कार्यपालक सहायक राजेश कुमार की संलिप्तता भी सामने आई। प्राथमिकी के बाद दोनों पर हुई कार्रवाई जांच प्रतिवेदन के आधार पर जिलाधिकारी के निर्देश पर बिहार गृह रक्षा वाहिनी, सुपौल के समादेष्टा ने नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। इसके बाद नवीन कुमार को सेवा से बर्खास्त और राजेश कुमार को चयनमुक्त कर दिया गया। पुलिस कर रही मामले की जांच जिला प्रशासन के अनुसार, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस अनुसंधान कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल निकासी की कुल राशि, कथित फर्जी दस्तावेजों और मामले में अन्य संभावित संलिप्त लोगों के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। सुपौल, बिहार गृह रक्षा वाहिनी के कार्यालय में भविष्य निधि (EPF) की राशि की अवैध निकासी के मामले में जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। जांच में दोषी पाए जाने के बाद गृहरक्षक नवीन कुमार को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं, मामले में संलिप्तता सामने आने पर कार्यपालक सहायक राजेश कुमार को चयनमुक्त कर दिया गया है। इस मामले में नगर थाना सुपौल में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। दो सेवानिवृत्त गृहरक्षकों ने की थी शिकायत जिला जनसंपर्क कार्यालय की ओर से शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति संख्या 831 के अनुसार, सेवानिवृत्त गृहरक्षक महंती यादव और अर्जुन यादव ने जिलाधिकारी सावन कुमार के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि गृहरक्षक नवीन कुमार ने उनके आधार कार्ड, पासबुक और पारिवारिक सूची समेत अन्य दस्तावेजों में फेरबदल कर फर्जी कागजात तैयार किए। फर्जी हस्ताक्षर से EPF राशि निकालने का आरोप शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि फर्जी हस्ताक्षर के माध्यम से उनके EPF की राशि अवैध रूप से निकाल ली गई। आरोप के मुताबिक, निकाली गई राशि नवीन कुमार ने खुद और अपने सहयोगियों के माध्यम से हासिल की। डीएम ने गठित की थी तीन सदस्यीय जांच समिति मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई थी। समिति की जांच में गृहरक्षक नवीन कुमार को दोषी पाया गया। वहीं, जांच के दौरान कार्यपालक सहायक राजेश कुमार की संलिप्तता भी सामने आई। प्राथमिकी के बाद दोनों पर हुई कार्रवाई जांच प्रतिवेदन के आधार पर जिलाधिकारी के निर्देश पर बिहार गृह रक्षा वाहिनी, सुपौल के समादेष्टा ने नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। इसके बाद नवीन कुमार को सेवा से बर्खास्त और राजेश कुमार को चयनमुक्त कर दिया गया। पुलिस कर रही मामले की जांच जिला प्रशासन के अनुसार, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस अनुसंधान कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल निकासी की कुल राशि, कथित फर्जी दस्तावेजों और मामले में अन्य संभावित संलिप्त लोगों के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

