सुपौल के राजस्व कार्यों में लापरवाही के मामले में जिलाधिकारी सावन कुमार ने त्रिवेणीगंज की अंचल अधिकारी प्रियंका सिंह पर प्रशासनिक कार्रवाई की है। उन्हें तत्काल प्रभाव से अंचल के सभी कार्यों और प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। साथ ही अपर समाहर्त्ता कार्यालय, सुपौल में योगदान देने का निर्देश दिया गया है। वहीं, मरौना के राजस्व अधिकारी प्रेम शंकर को त्रिवेणीगंज अंचल अधिकारी के पदीय दायित्वों के निर्वहन के लिए प्राधिकृत किया गया है। 30 अक्टूबर को जारी हुआ प्रशासनिक आदेश इस संबंध में जिलाधिकारी ने 30 अक्टूबर 2026 को आदेश संख्या 993/स्थापना जारी किया। आदेश में त्रिवेणीगंज अंचल के राजस्व कार्यों की समीक्षा के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्यों में लापरवाही पाए जाने का उल्लेख किया गया है। दाखिल-खारिज और राजस्व संग्रहण में लापरवाही डीएम के आदेश के अनुसार, सीओ प्रियंका सिंह के स्तर पर राजस्व संग्रहण, दाखिल-खारिज, अतिक्रमणवाद, लोक शिकायत निवारण और सहयोग पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों के निष्पादन में लापरवाही पाई गई। इसके अलावा अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के निष्पादन में भी अत्यधिक लापरवाही का उल्लेख है। बार-बार निर्देश के बाद भी नहीं हुआ सुधार आदेश में कहा गया है कि उच्चाधिकारियों की ओर से बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद कार्यों में संतोषजनक सुधार नहीं हुआ। इसके बाद प्रशासनिक दृष्टिकोण, जनहित और विभागीय अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से प्रियंका सिंह को उनके वर्तमान अंचल के सभी कार्यों और प्रभार से मुक्त करने का निर्णय लिया गया। प्रेम शंकर को मिला अंचल का संपूर्ण प्रभार आदेश के तहत मरौना के राजस्व अधिकारी प्रेम शंकर को त्रिवेणीगंज अंचल का संपूर्ण प्रभार सौंपा गया है। उन्हें बिहार कोषागार संहिता, 2011 के नियम 84 के तहत वित्तीय कार्यों के निष्पादन के लिए निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी (डीडीओ) की शक्ति भी प्रदान की गई है। तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश जिलाधिकारी ने आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। आदेश की प्रतिलिपि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना सहित संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है। सुपौल के राजस्व कार्यों में लापरवाही के मामले में जिलाधिकारी सावन कुमार ने त्रिवेणीगंज की अंचल अधिकारी प्रियंका सिंह पर प्रशासनिक कार्रवाई की है। उन्हें तत्काल प्रभाव से अंचल के सभी कार्यों और प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। साथ ही अपर समाहर्त्ता कार्यालय, सुपौल में योगदान देने का निर्देश दिया गया है। वहीं, मरौना के राजस्व अधिकारी प्रेम शंकर को त्रिवेणीगंज अंचल अधिकारी के पदीय दायित्वों के निर्वहन के लिए प्राधिकृत किया गया है। 30 अक्टूबर को जारी हुआ प्रशासनिक आदेश इस संबंध में जिलाधिकारी ने 30 अक्टूबर 2026 को आदेश संख्या 993/स्थापना जारी किया। आदेश में त्रिवेणीगंज अंचल के राजस्व कार्यों की समीक्षा के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्यों में लापरवाही पाए जाने का उल्लेख किया गया है। दाखिल-खारिज और राजस्व संग्रहण में लापरवाही डीएम के आदेश के अनुसार, सीओ प्रियंका सिंह के स्तर पर राजस्व संग्रहण, दाखिल-खारिज, अतिक्रमणवाद, लोक शिकायत निवारण और सहयोग पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों के निष्पादन में लापरवाही पाई गई। इसके अलावा अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के निष्पादन में भी अत्यधिक लापरवाही का उल्लेख है। बार-बार निर्देश के बाद भी नहीं हुआ सुधार आदेश में कहा गया है कि उच्चाधिकारियों की ओर से बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद कार्यों में संतोषजनक सुधार नहीं हुआ। इसके बाद प्रशासनिक दृष्टिकोण, जनहित और विभागीय अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से प्रियंका सिंह को उनके वर्तमान अंचल के सभी कार्यों और प्रभार से मुक्त करने का निर्णय लिया गया। प्रेम शंकर को मिला अंचल का संपूर्ण प्रभार आदेश के तहत मरौना के राजस्व अधिकारी प्रेम शंकर को त्रिवेणीगंज अंचल का संपूर्ण प्रभार सौंपा गया है। उन्हें बिहार कोषागार संहिता, 2011 के नियम 84 के तहत वित्तीय कार्यों के निष्पादन के लिए निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी (डीडीओ) की शक्ति भी प्रदान की गई है। तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश जिलाधिकारी ने आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। आदेश की प्रतिलिपि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना सहित संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है।

