Naagzilla Movie: कार्तिक आर्यन और करण जौहर की आने वाली फिल्म ‘नागजिला’ एक कानूनी विवाद में फंस गई है। फिल्म के निर्माण के लिए तय किए गए फंड में कथित तौर पर 3.92 करोड़ रुपये से ज्यादा की हेराफेरी का मामला सामने आया है। इस मामले में मुंबई की एक सेशंस कोर्ट ने तीन फिल्म प्रोडक्शन अधिकारियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने माना कि आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामले में शामिल होने की सामग्री मौजूद है और जांच के लिए उनकी हिरासत में पूछताछ जरूरी है।
तीन प्रोडक्शन अधिकारियों पर लगे आरोप
‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, दिंडोशी कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एम. मोहिउद्दीन ने बुधवार को तीनों आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला सुनाया। आरोपियों में 47 वर्षीय कुलदीप सिंह चंपावत, 42 वर्षीय महिपाल करण राठौड़ और 45 वर्षीय शिवकुमार तिवारी शामिल हैं।
कुलदीप सिंह चंपावत फिल्म से जुड़े कंसल्टेंट और साइनिंग अथॉरिटी थे। महिपाल करण राठौड़ को सर्विस प्रोवाइडर और एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर की जिम्मेदारी दी गई थी, जबकि शिवकुमार तिवारी लाइन प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर रहे थे।
इस मामले में एफआईआर महावीर जैन फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड के अकाउंटेंट तुकाराम महादेव सावंत की शिकायत पर दर्ज की गई थी। महावीर जैन फिल्म्स ने धर्मा प्रोडक्शंस के साथ मिलकर फिल्म बनाने का समझौता किया था।
कैसे सामने आया 3.92 करोड़ रुपये की हेराफेरी का मामला?
शिकायत के अनुसार, 30 अक्टूबर 2025 को महावीर जैन फिल्म्स और धर्मा प्रोडक्शंस के बीच ‘नागजिला’ के निर्माण को लेकर समझौता हुआ था। फिल्म का कुल बजट 82.50 करोड़ रुपये तय किया गया था। आरोप है कि कुलदीप सिंह चंपावत ने फिल्म का प्रोडक्शन संभालने के लिए महावीर जैन से संपर्क किया और बाद में अपने रिश्तेदार महिपाल करण राठौड़ को सर्विस प्रोवाइडर के रूप में नियुक्त करवाया।
वहीं, शिवकुमार तिवारी को गाड़ियों, मेकअप और जूनियर आर्टिस्ट से जुड़े वेंडर्स की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी दी गई थी। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि तीनों ने आपसी मिलीभगत से कंपनी की स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर यानी एसओपी को दरकिनार किया और बिना जरूरी बिल या वाउचर जमा किए 3,92,76,308 रुपये का खर्च दिखाया।
बिल बढ़ाने और फर्जी भुगतान का भी आरोप
शिकायत में कुछ खास लेन-देन पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि एक वेंडर का बिल 85 हजार रुपये से बढ़ाकर 1.30 लाख रुपये कर दिया गया। इसके अलावा ANM Global नाम की एक फर्म को 45 हजार रुपये का भुगतान किया गया, जबकि आरोप है कि इस फर्म ने फिल्म के लिए कोई सेवा नहीं दी थी।
तीनों पर एक प्रोडक्शन असिस्टेंट के साथ मिलकर 1.50 लाख रुपये से ज्यादा के कथित फर्जी बिल तैयार कर उन्हें पास कराने का भी आरोप है। जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि आरोपियों ने काम देने और बिल मंजूर कराने के बदले वेंडर्स से कमीशन और मोबाइल फोन भी लिए थे।
क्या है फिल्म ‘नागजिला’ की कहानी और रिलीज?
‘नागजिला’ का निर्देशन मृगदीप सिंह लांबा कर रहे हैं, जबकि इसकी कहानी गौतम मेहरा ने लिखी है। फिल्म में कार्तिक आर्यन एक इच्छाधारी नाग के किरदार में नजर आएंगे। इसका निर्माण धर्मा प्रोडक्शंस और महावीर जैन फिल्म्स के बैनर तले किया जा रहा है।
फिल्म के निर्माताओं में करण जौहर, महावीर जैन, अदार पूनावाला, अपूर्व मेहता, मृगदीप सिंह लांबा और नीतू एम. जैन शामिल हैं। मरिज्के डी’सूजा और दिव्यांश जैन फिल्म के सह-निर्माता हैं। फिल्म अगले साल सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।
फिलहाल इस मामले में अदालत का फैसला आरोपियों के लिए बड़ा झटका है। हालांकि, फंड की कथित हेराफेरी से जुड़े आरोपों की जांच जारी है और अदालत में आरोप साबित होना अभी बाकी है।

