16 से 30 नवंबर तक घर बैठे करें स्वगणना:जनगणना में एक दिसंबर से घर-घर पहुंचेंगे प्रगणक, 40 सवालों के देनें होंगे उत्तर

16 से 30 नवंबर तक घर बैठे करें स्वगणना:जनगणना में एक दिसंबर से घर-घर पहुंचेंगे प्रगणक, 40 सवालों के देनें होंगे उत्तर

जनगणना 2027 के लिए कानपुर में तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार लोग घर बैठे ऑनलाइन अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि 16 से 30 नवंबर 2026 तक स्वगणना की सुविधा मिलेगी। इसके बाद एक दिसंबर से चार जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर जनसंख्या की गणना करेंगे। जिले में इस काम के लिए 10,467 प्रगणक और सुपरवाइजर लगाए जाएंगे। जनगणना के लिए परिवार के हर सदस्य की जानकारी दर्ज की जाएगी। पहली बार डिजिटल माध्यम से हो रही जनगणना डीएम ने बताया कि जनगणना की प्रक्रिया पहली बार डिजिटल माध्यम से संचालित की जा रही है। इसके प्रथम चरण में 22 मई से 20 जून 2026 तक मकान सूचीकरण और मकानों की गणना हो चुकी है। अब दूसरे चरण में जनसंख्या की गणना होगी। पांच से नौ जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण किया जाएगा। ऑनलाइन जानकारी भरने के बाद मिलेगी आईडी स्वगणना के लिए परिवार se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर सदस्यों की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। विवरण जमा होने के बाद एक विशिष्ट पहचान संख्या मिलेगी। इसे घर आने वाले प्रगणक को देना होगा, ताकि ऑनलाइन दर्ज जानकारी का सत्यापन किया जा सके। स्वगणना अनिवार्य नहीं है। जो परिवार ऑनलाइन जानकारी नहीं भर पाएंगे, उनकी गणना प्रगणक घर पहुंचकर करेंगे। 40 सवालों में पूछी जाएगी जानकारी जनगणना की प्रश्नावली में कुल 40 सवाल शामिल हैं। इनमें नाम, आयु, लिंग, जन्मतिथि, जन्मस्थान, वैवाहिक स्थिति, धर्म, मातृभाषा, शिक्षा, रोजगार और आजीविका से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके अलावा प्रवासन, दिव्यांगता, महिलाओं से संबंधित निर्धारित जनसांख्यिकीय विवरण और बैंकिंग सुविधाओं तक पहुंच से जुड़े सवाल भी होंगे। व्यक्तिगत जानकारी रहेगी गोपनीय डीएम ने कहा कि जनगणना में दी गई व्यक्तिगत जानकारी को जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत कानूनी संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने लोगों से प्रगणकों को सही जानकारी देने की अपील की। साथ ही आगाह किया कि जनगणना के नाम पर किसी को बैंकिंग पासवर्ड, एटीएम पिन, यूपीआई पिन या ओटीपी न बताएं। गणना छूटने पर यहां करें शिकायत जनगणना से संबंधित जानकारी, सहायता या शिकायत के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1855 व व्हाट्सएप चैटबॉट 18001801855 जारी किए गए हैं। यदि किसी व्यक्ति या परिवार की गणना छूट जाती है, तो हेल्पलाइन पर इसकी सूचना दी जा सकती है। संबंधित अधिकारियों के माध्यम से गणना सुनिश्चित कराने की व्यवस्था की जाएगी। प्रेसवार्ता में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. विवेक चतुर्वेदी आदि रहे।

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