कौशाम्बी में मॉडल डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन कौशाम्बी ने जनपद के न्यायिक अधिकारियों के रवैये के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए 28 अक्टूबर 2026 को न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया था। बुधवार से अधिवक्ताओं का शुरू प्रदर्शन आज दूसरे दिन यानिकि गुरूवार को भी चल रहा है। बार एसोसिएशन ने जिला जज को पत्र सौंपकर अधिकारियों पर उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने और वकीलों के साथ अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बचन सिंह एडवोकेट और महासचिव रामनाथ चौधरी एडवोकेट द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में कहा गया है कि सी.जे.एम. (CJM) महोदय एवं अन्य लोअर कोर्ट के पीठासीन अधिकारियों द्वारा इलाहाबाद उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य नहीं किया जा रहा है। आरोप है कि पीठासीन अधिकारी समय पर कोर्ट में नहीं बैठते हैं और मनमाने ढंग से फाइलों को दूसरी कोर्ट में ट्रांसफर कर देते हैं। इस वजह से मुकदमों का समय पर निस्तारण नहीं हो पा रहा है और वादकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधिवक्ताओं को अपमानित किया जाता अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया गया है कि न्यायिक अधिकारियों द्वारा कोर्ट रूम में अधिवक्ताओं को अपमानित किया जाता है। इस दुर्व्यवहार और न्यायिक व्यवस्था में आ रही अड़चनों को लेकर वकीलों में भारी आक्रोश (रोष) व्याप्त है। दूसरे दिन चल रहे प्रदर्शन में बार एसोसिएशन ने जनपद एवं सत्र न्यायाधीश से सादर अनुरोध किया है। कि वे अपने अधीनस्थ न्यायिक अधिकारियों को समय से कार्य करने, नियत समय पर कोर्ट में बैठने तथा बार व बेंच के बीच सामंजस्य व गरिमा बनाए रखने के लिए कड़े निर्देश जारी करें। प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद यदि उनकी मांगों पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया और न्यायिक व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो बार एसोसिएशन आगे भी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी। दूसरे दिन के प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे।

