UP Government का बड़ा फैसला: Regime Change हिंसा से जुड़े लोगों को नहीं मिलेगी Govt Job

UP Government का बड़ा फैसला: Regime Change हिंसा से जुड़े लोगों को नहीं मिलेगी Govt Job

उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करने वालों के चरित्र सत्यापन (कैरेक्टर वेरिफिकेशन) के नियमों को सख्त कर दिया है। इसके तहत, ‘सत्ता परिवर्तन’ के उद्देश्य से की गई हिंसा में शामिल लोगों को सरकारी नौकरी से वंचित किया जा सकता है। यह कदम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उस चेतावनी के बीच उठाया गया है, जिसमें उन्होंने भारत में बांग्लादेश की तर्ज पर ‘सत्ता परिवर्तन’ की कथित साजिश के प्रति आगाह किया था।

इसे भी पढ़ें: दीपावली पर ‘एक दीया गोमाता के नाम’ अभियान चलाएगी उत्तर प्रदेश सरकार, गोवंश संरक्षण, सांस्कृतिक आस्था और ग्रामीण आत्मनिर्भरता का अनूठा संगम

नियुक्ति विभाग के प्रमुख सचिव एम. देवराज द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, ये सख्त नियम सरकारी विभागों, निगमों, परिषदों और स्थानीय निकायों में होने वाली सीधी भर्तियों पर लागू होंगे। संशोधित नीति के तहत, यदि कोई उम्मीदवार सत्ता परिवर्तन के उद्देश्य से की गई हिंसक गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो उसे सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य माना जा सकता है। हालाँकि, केवल राजनीतिक विचारधारा अयोग्यता का आधार नहीं होगी; इस तरह, उम्मीदवार की राजनीतिक मान्यताओं और हिंसक कृत्यों में उसकी संलिप्तता के बीच अंतर किया गया है।

नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी उम्मीदवार के खिलाफ केवल प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज होने या उनके खिलाफ कोई जांच लंबित होने से ही वे सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य नहीं हो जाएंगे। सत्यापन प्रक्रिया के तहत, पुलिस अधिकारियों को 30 दिनों के भीतर चरित्र सत्यापन रिपोर्ट जमा करनी होगी। इस नीति में यह भी प्रावधान है कि जहाँ लागू हो, वहाँ उम्मीदवार के पिछले विभाग से भी जानकारी मांगी जा सकती है।

इसे भी पढ़ें: लखनऊ में UP BJP कार्यसमिति बैठक का अमित शाह करेंगे उद्घाटन, CM योगी का होगा समापन संबोधन

ये संशोधित नियम उन उम्मीदवारों पर लागू होंगे जो सीधी भर्ती के जरिए सरकारी सेवा में आ रहे हैं। जो कर्मचारी पहले से ही सरकारी विभागों में काम कर रहे हैं, उन्हें इस नए निर्देश के तहत चरित्र सत्यापन कराने की आवश्यकता नहीं होगी। यह कदम ऐसे समय में महत्वपूर्ण हो जाता है जब आदित्यनाथ ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि कुछ अज्ञात ताकतें देश को अस्थिर करने और बांग्लादेश जैसी राजनीतिक उथल-पुथल पैदा करने की कोशिश कर रही हैं। बांग्लादेश में अगस्त 2024 में बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के कारण शेख हसीना की सरकार गिर गई थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *