अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ ने आंध्र प्रदेश और उसके आसपास के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई है। बुधवार तड़के तटीय क्षेत्रों से टकराने के बाद इस चक्रवात ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। तेज हवाओं, मूसलाधार बारिश, पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ने तथा करंट लगने व दीवार ढहने जैसी हादसों के कारण कम से कम 5 लोगों की मौत हो चुकी है। तबाही के इस मंजर के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और चक्रवात चेतावनी केंद्र ने राज्य के 13 जिलों और यनम क्षेत्र के लिए ‘फ्लैश फ्लड’ (अचानक आने वाली बाढ़) का मध्यम से उच्च जोखिम वाला अलर्ट जारी किया है। इस चेतावनी के दायरे में बापटला, गुंटूर, NTR, कृष्णा, एलुरु, पूर्वी गोदावरी, काकीनाडा, अल्लूरी सीताराम राजू, विशाखापत्तनम, विजयनगरम, अनाकापल्ली, पार्वतीपुरम मान्यम और पश्चिमी गोदावरी जिले शामिल हैं।
चक्रवात ‘अर्नब’ से 5 लोगों की मौत, सड़कें क्षतिग्रस्त
बुधवार तड़के चक्रवात ‘अर्नब’ आंध्र प्रदेश के तट से टकराया। इसके कारण भारी तबाही हुई—पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं, और करंट लगने जैसी घटनाओं में 5 लोगों की मौत हो गई। सुबह 2 बजे से 8 बजे के बीच, 6 घंटे की अवधि में यह चक्रवात आंध्र प्रदेश और यनम के तटों से होकर गुजरा, जिससे कई इलाकों, खासकर तटीय जिलों में भारी बारिश हुई।
अधिकारियों ने बताया कि एलुरु, पश्चिमी गोदावरी और विजयनगरम सहित 10 से अधिक जिलों के सैकड़ों गांवों पर चक्रवात की सबसे ज्यादा मार पड़ी है। कई इलाकों में 200 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है।
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चक्रवात चेतावनी केंद्र ने अपने ताजा बुलेटिन में कहा, “अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर से कुछ जल क्षेत्रों (watersheds) और आसपास के इलाकों में मध्यम से भारी ‘फ्लैश फ्लड’ का खतरा है।” केंद्र ने चेतावनी दी है कि जिन इलाकों की मिट्टी पहले से ही पूरी तरह गीली (saturated) है और जो निचले इलाके संवेदनशील माने जाते हैं, वहां सतह पर पानी बहने (surface runoff) और जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 29 अक्टूबर की सुबह 5:30 बजे से 30 अक्टूबर की सुबह 5:30 बजे तक आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के साथ-साथ उत्तरी तमिलनाडु के तट पर तूफानी मौसम का अनुमान जताया है। इस दौरान हवा की गति 50 किमी प्रति घंटा तक रह सकती है और झोंकों के साथ यह 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
आंध्र प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई
बुधवार सुबह 8:30 बजे तक के 24 घंटों में आंध्र प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश हुई, जबकि ओडिशा में बहुत भारी से लेकर अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई। आंध्र प्रदेश के गरिबिडी में 26 सेमी बारिश हुई। इसके बाद अनाकापल्ली, श्रृंगवरपुकोटा, वेपाडा और चीपुरुपल्ले में 25-25 सेमी बारिश दर्ज की गई।
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भीमुनिपटनम, मेंटाडा और येलामंचिली में 24-24 सेमी, जबकि गंट्याडा और रानास्थलम में 23-23 सेमी बारिश हुई। गजपतिनगरम, नेल्लीमेरला, विशाखापत्तनम और मेराकामुदिदाम में 22-22 सेमी, और चोडावरम तथा बोंडापल्ले में 21-21 सेमी बारिश दर्ज की गई।
IMD ने गुरुवार, 29 अक्टूबर के लिए तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के कुछ इलाकों में भारी बारिश का अनुमान जताया है। साथ ही, इन क्षेत्रों और रायलसीमा में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी संभावना है। 30 अक्टूबर से 3 नवंबर तक तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने के आसार हैं। 1, 2 और 3 नवंबर को भी इन क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान है। 1 नवंबर तक 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान है।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात से हुए नुकसान की जानकारी देते हुए बताया कि करंट लगने और दीवार गिरने की घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई है। हजारों हेक्टेयर में खड़ी फसलें, जिनमें धान भी शामिल है, बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
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चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर चक्रवात से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए एक केंद्रीय टीम भेजने का अनुरोध किया है। मौसम विभाग ने बताया कि इससे पहले, अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ आंध्र प्रदेश और यनम के तटों से तड़के 2 बजे से सुबह 8 बजे के बीच गुजरा, जिसके बाद यह कमजोर होकर एक भीषण चक्रवाती तूफान में बदल गया।
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