Xerosis Symptoms: जैसे ही ठंड की हल्की शुरुआत होती है, हवा में नमी (मॉइस्चर) कम होने लगती है। इसका सबसे पहला असर हमारी त्वचा पर दिखाई देता है। अगर आपकी स्किन भी सर्दियों का मौसम आते ही पपड़ीदार होने लगती है, उस पर सफेद धारियां बनने लगती हैं या वह तेजी से फटने और छिलने लगती है, तो इसे केवल आम रूखापन न समझें। क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, यह जीरोसिस (Xerosis) नाम की मेडिकल कंडीशन हो सकती है। यह स्थिति देखने में भले ही आम लगे, लेकिन समय पर ध्यान न देने पर यह काफी तकलीफदेह और दर्दनाक बन सकती है। आइए जानते हैं कि जीरोसिस क्या है, इसके लक्षण क्या हैं और ठंड के दिनों में इससे कैसे बचा जा सकता है।
जीरोसिस (Xerosis) क्या है और क्यों होती है?
हेल्थलाइन के मुताबिक, जीरोसिस असल में मेडिकल भाषा में अत्यधिक रूखी और बेजान त्वचा को कहा जाता है। हमारी त्वचा की सबसे ऊपरी परत में नेचुरल ऑयल और पानी का एक सुरक्षा कवच होता है, जो स्किन को मुलायम रखता है। जब सर्दियों में ठंडी और सूखी हवा चलती है, तो यह हवा हमारी त्वचा से प्राकृतिक नमी को खींच लेती है। इसके अलावा निम्नलिखित कारण इस समस्या को और बढ़ा देते हैं;
- गर्म पानी से नहाना।
- बढ़ती उम्र।
- हार्ड सोप का इस्तेमाल।
जीरोसिस के मुख्य लक्षण कैसे पहचानें?
शुरुआत में यह समस्या मामूली रूखेपन जैसी लग सकती है, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है, इसके लक्षण गंभीर होने लगते हैं;
- त्वचा का अत्यधिक खुरदरा होना और छूने पर खिंचाव महसूस होना।
- स्किन पर पपड़ी जमना और दरारें (Cracks) पड़ना।
- त्वचा का रंग हल्का भूरा या सफेद सा दिखना।
- ठंड के मौसम में त्वचा पर तेज खुजली होना, जो खुजाने के बाद और बढ़ जाती है।
- गंभीर मामलों में स्किन से खून निकलना या उसमें जलन और दर्द होना।
ठंड के मौसम में जीरोसिस से बचाव के उपाय
अगर आप सर्दियों में इस समस्या से बचना चाहते हैं, तो अपनी स्किन केयर रूटीन में कुछ छोटे लेकिन जरूरी बदलाव करने होंगे;
- नहाने के तुरंत बाद लगाएं मॉइचराइजर।
- गुनगुने पानी का करें इस्तेमाल।
- माइल्ड और खुशबू रहित प्रोडक्ट्स चुनें।
- खूब पानी पिएं और हेल्दी डाइट लें।

