सहायक प्रोफेसर को प्रभारी रजिस्ट्रार बनाया गया था:डॉ. नफीस अहमद नीलांबर-पीतांबर विवि के रजिस्ट्रार पद पर बने रहेंगे

सहायक प्रोफेसर को प्रभारी रजिस्ट्रार बनाया गया था:डॉ. नफीस अहमद नीलांबर-पीतांबर विवि के रजिस्ट्रार पद पर बने रहेंगे

नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (एनपीयू) में रजिस्ट्रार को हटाने के कुलपति के फैसले पर उच्च शिक्षा विभाग के हस्तक्षेप के बाद नया मोड़ आ गया है। रजिस्ट्रार डॉ. नफीस अहमद अपने पद पर बने रहेंगे। उच्च शिक्षा निदेशालय के नए निर्देश के अनुसार, उन्हें पद से हटाने का फैसला प्रभावी नहीं रहेगा। कुलपति प्रो. दिनेश कुमार सिंह ने 9 सितंबर 2026 की रात नोटिस जारी कर डॉ. नफीस अहमद को विरमित कर दिया था। उनकी जगह मनोविज्ञान विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. मृत्युंजय कुमार को प्रभारी रजिस्ट्रार बनाया गया था। हालांकि, इसी दिन कुलपति की प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियों पर रोक लगाए जाने के कारण रजिस्ट्रार को हटाने का आदेश विवादों में आ गया। मामले की जानकारी उच्च शिक्षा विभाग और लोक भवन तक पहुंचने के बाद अब विभागीय स्तर पर निर्देश जारी किया गया है। लोक भवन की ओर से 9 सितंबर को कुलपति की सभी प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई थी। इसके बावजूद उसी रात कुलपति के आवासीय कार्यालय से डॉ. नफीस अहमद को विरमित करने और डॉ. मृत्युंजय कुमार को प्रभारी रजिस्ट्रार बनाने का नोटिस जारी किया गया था। यही घटनाक्रम इस पूरे मामले का अहम पहलू है। एक ओर कुलपति की प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियों पर रोक लगाई गई थी, वहीं दूसरी ओर उसी रात विश्वविद्यालय के महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद पर बदलाव का आदेश जारी हुआ। इसके बाद रजिस्ट्रार के पद पर नियुक्ति और बदलाव को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की जरूरत महसूस हुई। रजिस्ट्रार ने लोक भवन और विभाग को जानकारी दी थी डॉ. नफीस ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी लोक भवन, रांची और उच्च शिक्षा विभाग, रांची को दी थी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मामले से अवगत कराते हुए आगे के निर्देश मांगे थे। इसके बाद मामला विभागीय स्तर पर पहुंचा। उच्च शिक्षा निदेशालय के नए निर्देश के बाद अब डॉ. नफीस अहमद रजिस्ट्रार के पद पर बने रहेंगे। इससे कुलपति की ओर से उन्हें विरमित करने और नए प्रभारी रजिस्ट्रार की नियुक्ति को लेकर पैदा हुई स्थिति पर विभागीय स्तर से हस्तक्षेप हुआ है। नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (एनपीयू) में रजिस्ट्रार को हटाने के कुलपति के फैसले पर उच्च शिक्षा विभाग के हस्तक्षेप के बाद नया मोड़ आ गया है। रजिस्ट्रार डॉ. नफीस अहमद अपने पद पर बने रहेंगे। उच्च शिक्षा निदेशालय के नए निर्देश के अनुसार, उन्हें पद से हटाने का फैसला प्रभावी नहीं रहेगा। कुलपति प्रो. दिनेश कुमार सिंह ने 9 सितंबर 2026 की रात नोटिस जारी कर डॉ. नफीस अहमद को विरमित कर दिया था। उनकी जगह मनोविज्ञान विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. मृत्युंजय कुमार को प्रभारी रजिस्ट्रार बनाया गया था। हालांकि, इसी दिन कुलपति की प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियों पर रोक लगाए जाने के कारण रजिस्ट्रार को हटाने का आदेश विवादों में आ गया। मामले की जानकारी उच्च शिक्षा विभाग और लोक भवन तक पहुंचने के बाद अब विभागीय स्तर पर निर्देश जारी किया गया है। लोक भवन की ओर से 9 सितंबर को कुलपति की सभी प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई थी। इसके बावजूद उसी रात कुलपति के आवासीय कार्यालय से डॉ. नफीस अहमद को विरमित करने और डॉ. मृत्युंजय कुमार को प्रभारी रजिस्ट्रार बनाने का नोटिस जारी किया गया था। यही घटनाक्रम इस पूरे मामले का अहम पहलू है। एक ओर कुलपति की प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियों पर रोक लगाई गई थी, वहीं दूसरी ओर उसी रात विश्वविद्यालय के महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद पर बदलाव का आदेश जारी हुआ। इसके बाद रजिस्ट्रार के पद पर नियुक्ति और बदलाव को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की जरूरत महसूस हुई। रजिस्ट्रार ने लोक भवन और विभाग को जानकारी दी थी डॉ. नफीस ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी लोक भवन, रांची और उच्च शिक्षा विभाग, रांची को दी थी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मामले से अवगत कराते हुए आगे के निर्देश मांगे थे। इसके बाद मामला विभागीय स्तर पर पहुंचा। उच्च शिक्षा निदेशालय के नए निर्देश के बाद अब डॉ. नफीस अहमद रजिस्ट्रार के पद पर बने रहेंगे। इससे कुलपति की ओर से उन्हें विरमित करने और नए प्रभारी रजिस्ट्रार की नियुक्ति को लेकर पैदा हुई स्थिति पर विभागीय स्तर से हस्तक्षेप हुआ है।  

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