नालंदा में 20 अक्टूबर को सुनील कुमार (40) की हत्या हुई थी। मामले में बुधवार को पुलिस ने खुलासा किया है। मुख्य नामजद अभियुक्त 16 साल का नाबालिग है। जिसे पुलिस ने पकड़ा है। पुलिस के अनुसार गली में बाइक लगाने के लिए आरोपी से सुनील की कहासुनी हो गई थी। इसके बाद गुस्से में आरोपी घर में गया। घर से पिस्टल लेकर आया और सुनील के सिर में गोली मार दी। दोनों के घर पास में ही है। घटना हरनौत थाना क्षएत्र के पोरई गांव की है। पटना भाग गया था आरोपी पुलिस के अनुसार आरोपी वारदात के बाद नालंदा से फरार हो गया था। वो पटना में छिपा हुआ था। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर नाबालिग को खोज निकाला। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। मृतक के बेटे ने केस दर्ज कराया था अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर-2, बिहारशरीफ) राजेश कुमार रंजन ने बताया कि मृतक सुनील कुमार पोरई गांव के रहने वाले थे। मृतक के बेटे आशु कुमार (24) ने हरनौत थाने में आवेदन देकर पोरई निवासी नाबालिग पर हत्या का आरोप लगाया था। आवेदन के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। नाबालिग का आपराधिक इतिहास है पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि पकड़े गए नाबालिग का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कांड में शामिल अन्य फरार अभियुक्तों की पहचान कर ली गई है। इनमें वे लोग शामिल हो सकते हैं जिन्होंने हथियार उपलब्ध कराया हो। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। नालंदा में 20 अक्टूबर को सुनील कुमार (40) की हत्या हुई थी। मामले में बुधवार को पुलिस ने खुलासा किया है। मुख्य नामजद अभियुक्त 16 साल का नाबालिग है। जिसे पुलिस ने पकड़ा है। पुलिस के अनुसार गली में बाइक लगाने के लिए आरोपी से सुनील की कहासुनी हो गई थी। इसके बाद गुस्से में आरोपी घर में गया। घर से पिस्टल लेकर आया और सुनील के सिर में गोली मार दी। दोनों के घर पास में ही है। घटना हरनौत थाना क्षएत्र के पोरई गांव की है। पटना भाग गया था आरोपी पुलिस के अनुसार आरोपी वारदात के बाद नालंदा से फरार हो गया था। वो पटना में छिपा हुआ था। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर नाबालिग को खोज निकाला। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। मृतक के बेटे ने केस दर्ज कराया था अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर-2, बिहारशरीफ) राजेश कुमार रंजन ने बताया कि मृतक सुनील कुमार पोरई गांव के रहने वाले थे। मृतक के बेटे आशु कुमार (24) ने हरनौत थाने में आवेदन देकर पोरई निवासी नाबालिग पर हत्या का आरोप लगाया था। आवेदन के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। नाबालिग का आपराधिक इतिहास है पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि पकड़े गए नाबालिग का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कांड में शामिल अन्य फरार अभियुक्तों की पहचान कर ली गई है। इनमें वे लोग शामिल हो सकते हैं जिन्होंने हथियार उपलब्ध कराया हो। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।

