बिहार विधान परिषद चुनाव के दौरान दरभंगा शिक्षक क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. मदन मोहन झा के पुत्र माधव झा से जुड़ा कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। माधव झा ने आरोप लगाया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वॉयस क्लोनिंग या एडिटिंग के जरिए उनकी नकली आवाज तैयार कर ऑडियो वायरल किया गया। साइबर डीएसपी विपिन बिहारी ने बताया कि माधव झा की ओर से आवेदन दिया गया था। इसमें उनकी आवाज का कथित फर्जी ऑडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की शिकायत की गई थी। प्रारंभिक जांच में शिकायत से संबंधित तथ्य सही पाए गए हैं। इसके बाद साइबर थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि ऑडियो किसने तैयार किया और किन लोगों ने इसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया। मतदान के दिन ऑडियो वायरल करने का लगाया आरोप माधव झा ने आरोप लगाया कि उनके पिता मदन मोहन झा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे। मतदान के दिन इस तरह का ऑडियो वायरल कर मतदाताओं को प्रभावित करने और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई। मैथिल ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी वाला ऑडियो वायरल वायरल ऑडियो में कथित तौर पर मैथिल ब्राह्मण समाज के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का दावा किया जा रहा है। इसके अलावा एमएलसी चुनाव में टिकट के लिए पांच करोड़ रुपए देने और समर्थन नहीं मिलने जैसी बातें भी सुनाई देने का दावा किया गया है। ऑडियो को पूरी तरह से फर्जी बताया माधव झा ने वायरल ऑडियो को पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत बताते हुए कहा कि उसमें सुनाई देने वाली आवाज उनकी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी किसी समाज के प्रति इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं किया है। उनके अनुसार, विभिन्न समुदायों के लोग उनके संपर्क में हैं और किसी समाज के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करना उनके संस्कार में नहीं है। शिकायत में फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऑडियो प्रसारित किए जाने का उल्लेख किया गया है। पुलिस को कुछ फेसबुक पेज और व्हाट्सएप ग्रुप की जानकारी भी दी गई है। इनमें ऑडियो साझा किए जाने से संबंधित लिंक और अन्य डिजिटल साक्ष्य शामिल हैं। सोशल मीडिया अकाउंट और ग्रुप की जांच कर रही पुलिस साइबर डीएसपी विपिन बिहारी ने बताया कि पुलिस उन फेसबुक पेजों और व्हाट्सएप ग्रुपों की जांच कर रही है, जिनके माध्यम से कथित ऑडियो वायरल हुआ। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि संबंधित अकाउंट और ग्रुप कौन संचालित कर रहा था और ऑडियो सबसे पहले किसने साझा किया। सोशल मीडिया के माध्यम से किसी व्यक्ति की छवि खराब करने के लिए फर्जी फोटो, वीडियो और ऑडियो का इस्तेमाल करने के मामले सामने आते रहते हैं। ऐसे मामलों में डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर जांच की जा सकती है। पोस्ट या सामग्री को बाद में डिलीट कर देने पर भी उसके डिजिटल साक्ष्य मिल सकते हैं। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी डीएसपी के अनुसार, पिछले छह महीनों में दरभंगा के 25 फेसबुक अकाउंट को बंद कराने के लिए संबंधित प्लेटफॉर्म को अनुरोध भेजा गया था। इनमें से 10 अकाउंट बंद हो चुके हैं, जबकि शेष 15 के संबंध में कानूनी प्रक्रिया चल रही है। फिलहाल पुलिस वायरल ऑडियो के स्रोत, उसे तैयार करने में इस्तेमाल की गई तकनीक और उसे प्रसारित करने वालों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी। बिहार विधान परिषद चुनाव के दौरान दरभंगा शिक्षक क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. मदन मोहन झा के पुत्र माधव झा से जुड़ा कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। माधव झा ने आरोप लगाया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वॉयस क्लोनिंग या एडिटिंग के जरिए उनकी नकली आवाज तैयार कर ऑडियो वायरल किया गया। साइबर डीएसपी विपिन बिहारी ने बताया कि माधव झा की ओर से आवेदन दिया गया था। इसमें उनकी आवाज का कथित फर्जी ऑडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की शिकायत की गई थी। प्रारंभिक जांच में शिकायत से संबंधित तथ्य सही पाए गए हैं। इसके बाद साइबर थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि ऑडियो किसने तैयार किया और किन लोगों ने इसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया। मतदान के दिन ऑडियो वायरल करने का लगाया आरोप माधव झा ने आरोप लगाया कि उनके पिता मदन मोहन झा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे। मतदान के दिन इस तरह का ऑडियो वायरल कर मतदाताओं को प्रभावित करने और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई। मैथिल ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी वाला ऑडियो वायरल वायरल ऑडियो में कथित तौर पर मैथिल ब्राह्मण समाज के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का दावा किया जा रहा है। इसके अलावा एमएलसी चुनाव में टिकट के लिए पांच करोड़ रुपए देने और समर्थन नहीं मिलने जैसी बातें भी सुनाई देने का दावा किया गया है। ऑडियो को पूरी तरह से फर्जी बताया माधव झा ने वायरल ऑडियो को पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत बताते हुए कहा कि उसमें सुनाई देने वाली आवाज उनकी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी किसी समाज के प्रति इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं किया है। उनके अनुसार, विभिन्न समुदायों के लोग उनके संपर्क में हैं और किसी समाज के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करना उनके संस्कार में नहीं है। शिकायत में फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऑडियो प्रसारित किए जाने का उल्लेख किया गया है। पुलिस को कुछ फेसबुक पेज और व्हाट्सएप ग्रुप की जानकारी भी दी गई है। इनमें ऑडियो साझा किए जाने से संबंधित लिंक और अन्य डिजिटल साक्ष्य शामिल हैं। सोशल मीडिया अकाउंट और ग्रुप की जांच कर रही पुलिस साइबर डीएसपी विपिन बिहारी ने बताया कि पुलिस उन फेसबुक पेजों और व्हाट्सएप ग्रुपों की जांच कर रही है, जिनके माध्यम से कथित ऑडियो वायरल हुआ। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि संबंधित अकाउंट और ग्रुप कौन संचालित कर रहा था और ऑडियो सबसे पहले किसने साझा किया। सोशल मीडिया के माध्यम से किसी व्यक्ति की छवि खराब करने के लिए फर्जी फोटो, वीडियो और ऑडियो का इस्तेमाल करने के मामले सामने आते रहते हैं। ऐसे मामलों में डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर जांच की जा सकती है। पोस्ट या सामग्री को बाद में डिलीट कर देने पर भी उसके डिजिटल साक्ष्य मिल सकते हैं। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी डीएसपी के अनुसार, पिछले छह महीनों में दरभंगा के 25 फेसबुक अकाउंट को बंद कराने के लिए संबंधित प्लेटफॉर्म को अनुरोध भेजा गया था। इनमें से 10 अकाउंट बंद हो चुके हैं, जबकि शेष 15 के संबंध में कानूनी प्रक्रिया चल रही है। फिलहाल पुलिस वायरल ऑडियो के स्रोत, उसे तैयार करने में इस्तेमाल की गई तकनीक और उसे प्रसारित करने वालों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

