एशियाई पैरा खेलों के स्वर्ण पदक विजेता नीरज यादव ने कथित तौर पर अपने घर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली है। दिल्ली के एक अस्पताल में उनका पोस्टमार्टम किया जा रहा है। भारतीय पैरा-एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच एस सत्यनारायण ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि उन्हें इस दुखद घटना के बारे में पता चला है और यादव का शव अभी भी अस्पताल में है।सत्यनारायण ने कहा, ‘‘नीरज ने आत्महत्या कर ली है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।’’
पता चला है कि इस एथलीट ने जहर खाया था। एफ55 वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने वाले 42 वर्षीय यादव डोपिंग प्रतिबंध के कारण इस महीने की शुरुआत में आइची-नागोया में खेले गए एशियाई पैरा खेलों में भाग न ले पाने के कारण कथित तौर पर तनाव में थे।उनके आत्महत्या करने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। सत्यनारायण ने कहा, ‘‘उन्होंने आत्महत्या क्यों की मैं इसका स्पष्ट कारण नहीं बता सकता, लेकिन अगर आप मुझसे पूछें तो मैं कहूंगा कि एक खिलाड़ी को उतार-चढ़ाव का सामना धैर्य से करना चाहिए। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने इतना कड़ा कदम उठाया।’’
भारत के प्रतिभाशाली पैरा-एथलीटों में से एक यादव ने एशियाई पैरा खेलों में तीन स्वर्ण पदक जीते।उन्होंने 2018 में जकार्ता में भाला फेंक में खिताब तथा 2023 में हांगझोउ में भाला फेंक और चक्का फेंक में स्वर्ण पदक जीता था। राष्ट्रीय डोपिंगरोधी एजेंसी (नाडा) की रिपोर्ट विश्व डोपिंगरोधी एजेंसी (वाडा) के पास पहुंचने के बाद नीरज के 2023 में खेले गए एशियाई पैरा खेलों में जीते गए दोनों स्वर्ण पदक एशियाई पैरालंपिक समिति ने वापस ले लिए थे। उनके नमूने में प्रतिबंधित पदार्थ पाए जाने के कारण उन्हें सरकार से मिलने वाली पुरस्कार राशि भी नहीं मिली।नीरज को सात साल की उम्र में पोलियो हो गया था। उन्होंने पहले व्हीलचेयर टेनिस खेलना शुरू किया और फिर पैरा एथलेटिक्स में हाथ आजमाए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। एफ55 वर्ग में शॉट पुट, चक्का फेंक और भाला फेंक सहित बैठकर की जाने वाली खेल स्पर्धाएं शामिल हैं।
एशियाई पैरा खेलों के स्वर्ण पदक विजेता नीरज यादव ने कथित तौर पर अपने घर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली है। दिल्ली के एक अस्पताल में उनका पोस्टमार्टम किया जा रहा है। भारतीय पैरा-एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच एस सत्यनारायण ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि उन्हें इस दुखद घटना के बारे में पता चला है और यादव का शव अभी भी अस्पताल में है।
सत्यनारायण ने कहा, ‘‘नीरज ने आत्महत्या कर ली है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।’’
पता चला है कि इस एथलीट ने जहर खाया था। एफ55 वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने वाले 42 वर्षीय यादव डोपिंग प्रतिबंध के कारण इस महीने की शुरुआत में आइची-नागोया में खेले गए एशियाई पैरा खेलों में भाग न ले पाने के कारण कथित तौर पर तनाव में थे।
उनके आत्महत्या करने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। सत्यनारायण ने कहा, ‘‘उन्होंने आत्महत्या क्यों की मैं इसका स्पष्ट कारण नहीं बता सकता, लेकिन अगर आप मुझसे पूछें तो मैं कहूंगा कि एक खिलाड़ी को उतार-चढ़ाव का सामना धैर्य से करना चाहिए। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने इतना कड़ा कदम उठाया।’’
भारत के प्रतिभाशाली पैरा-एथलीटों में से एक यादव ने एशियाई पैरा खेलों में तीन स्वर्ण पदक जीते।
उन्होंने 2018 में जकार्ता में भाला फेंक में खिताब तथा 2023 में हांगझोउ में भाला फेंक और चक्का फेंक में स्वर्ण पदक जीता था। राष्ट्रीय डोपिंगरोधी एजेंसी (नाडा) की रिपोर्ट विश्व डोपिंगरोधी एजेंसी (वाडा) के पास पहुंचने के बाद नीरज के 2023 में खेले गए एशियाई पैरा खेलों में जीते गए दोनों स्वर्ण पदक एशियाई पैरालंपिक समिति ने वापस ले लिए थे। उनके नमूने में प्रतिबंधित पदार्थ पाए जाने के कारण उन्हें सरकार से मिलने वाली पुरस्कार राशि भी नहीं मिली।
नीरज को सात साल की उम्र में पोलियो हो गया था। उन्होंने पहले व्हीलचेयर टेनिस खेलना शुरू किया और फिर पैरा एथलेटिक्स में हाथ आजमाए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। एफ55 वर्ग में शॉट पुट, चक्का फेंक और भाला फेंक सहित बैठकर की जाने वाली खेल स्पर्धाएं शामिल हैं।
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