संभल में 5 साल के मासूम बच्चे से गेहूं के खेत में कुकर्म करने के मामले में अदालत ने नाबालिग आरोपी को 20 साल की जेल और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, 8 साल की बच्ची से छेड़छाड़ के मामले में दोषी को 3 साल के कारावास और पांच हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया गया है। दोनों मामलों में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आदित्य सिंह ने पैरवी की। मंगलवार शाम 6:15 बजे उन्होंने इसकी जानकारी दी। गेहूं के खेत में बच्चे से किया था कुकर्म पहला मामला संभल तहसील के कैलादेवी थाना क्षेत्र का है। साल 2020 में घटना के समय यह क्षेत्र हयातनगर थाने के अंतर्गत आता था। 11 अप्रैल 2020 को 5 साल का बच्चा अपने माता-पिता के साथ खेत पर गया था। उसके माता-पिता गेहूं की कटाई कर रहे थे और बच्चा पास में खेल रहा था। इसी दौरान गांव का एक नाबालिग युवक उसे खींचकर अपने साथ ले गया और उसके साथ कुकर्म किया। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार की अदालत ने आरोपी को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) की धारा 6 के तहत 20 साल के कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना जमा नहीं करने पर 3 महीने का साधारण कारावास भुगतना होगा। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में नरमी नहीं बरती जा सकती। जुर्माने की पूरी राशि पीड़ित को देने का आदेश दिया गया है। 8 साल की बच्ची से छेड़छाड़ में 3 साल की जेल दूसरा मामला गुन्नौर तहसील के रजपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव का है। 9 जनवरी 2022 को गांव का रहने वाला सनी पुत्र महावीर 8 साल की बच्ची को खींचकर ले गया और उसके साथ छेड़छाड़ करने लगा। पीड़ित पिता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि इसी दौरान उनका भतीजा मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की थी। पॉक्सो एक्ट कोर्ट के न्यायाधीश अवधेश कुमार ने मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी को आईपीसी की धारा 452 और पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत तीन साल के कारावास और पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

