रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) को 56 महीने पूरे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद युद्ध रुकने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों देश एक-दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं। युद्ध की वजह से यूक्रेन में मार्शल लॉ (Martial Law) लागू है, जो 24 फरवरी, 2022 को ही लागू किया गया था। अब देश में मार्शल लॉ के बारे में संसद ने बड़ा फैसला लिया है।
90 दिनों के लिए और बढ़ाया गया मार्शल लॉ
यूक्रेन में मार्शल लॉ और सामान्य मोबिलाइज़ेशन को एक बार फिर 90 दिनों के लिए और बढ़ाने का फैसला लिया है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेन्स्की (Volodymyr Zelenskyy) ने इसके लिए संसद में प्रस्ताव पेश किया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। कुल 293 यूक्रेनी सांसदों ने मार्शल लॉ को आगे बढ़ाने के पक्ष में वोट दिया और 281 सांसदों ने सामान्य मोबिलाइज़ेशन को 90 दिनों के लिए और बढ़ाने के पक्ष में वोट दिया। वर्तमान में यूक्रेन में मार्शल लॉ और सामान्य मोबिलाइज़ेशन 31 अक्टूबर 2026 को 5:30 बजे तक लागू हैं। अब दोनों को 90 दिनों के लिए और बढ़ाकर 29 जनवरी 2027 तक लागू कर दिया गया है।
मार्शल लॉ के तहत लागू रहते हैं कई प्रतिबंध
मार्शल लॉ के तहत देश में कई प्रतिबंध लागू रहते हैं। इनमें नागरिकों की आवाजाही पर नियंत्रण, चुनावों को स्थगित करना, सैन्य संसाधनों का जुटाव और प्रशासनिक शक्तियों का सैन्य कमांड को हस्तांतरण शामिल है। मोबिलाइज़ेशन के तहत 25 से 60 वर्ष के स्वस्थ पुरुषों को अनिवार्य सैन्य सेवा के लिए बुलाया जा सकता है। 18-25 वर्ष के युवा आमतौर पर स्वैच्छिक आधार पर या विशेष मामलों में शामिल होते हैं, जबकि महिलाएं भी अपनी इच्छा से सेना में सेवा दे सकती हैं। विदेश यात्रा पर भी कई तरह के प्रतिबंध लागू रहते हैं। इस फैसले से सामान्य नागरिकों पर असर पड़ता है। मोबिलाइज़ेशन जारी रहने से देश में कई परिवार प्रभावित होते हैं, अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ता है और राजनीतिक प्रक्रियाएं भी सीमित रहती हैं। देश में मार्शल लॉ को युद्ध के जारी रहने की वजह से फिर से बढ़ाया गया है। यूक्रेन अभी भी लगातार रूसी हमलों का सामना कर रहा है। हालांकि अब यूक्रेन भी रूसी सैन्य और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बना रहा है।

