मुरादाबाद के बुद्धि विहार स्थित गांधी मैदान में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक समारोह हुआ। सात फेरों की रस्म शुरू होने पर कई जोड़े मंडप से गायब मिले। पुरोहित विवाह कराने के लिए बैठे थे, लेकिन जोड़ों के न होने से आयोजन पर सवाल उठ गए। आरोप है कि कुछ जोड़े उपहार और सामान मिलने का इंतजार कर रहे थे। सामान मिलते ही वे सात फेरे लिए बिना ही वहां से चले गए। हालांकि, इस मामले में अभी अधिकारियों का बयान आना बाकी है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का मकसद गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में मदद करना है। इसका उद्देश्य उन्हें सम्मान से नई जिंदगी शुरू करने का मौका देना और परिवारों पर शादी का खर्च कम करना है। ऐसे में जोड़ों के गायब होने की बात सामने आने से व्यवस्थाओं पर चर्चा होने लगी है। यह साफ होना जरूरी है कि कितने जोड़े रस्मों में शामिल नहीं हुए और इसके पीछे क्या वजह रही। उपहार वितरण की जांच भी जरूरी है, ताकि योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंच सके।

