फरीदाबाद अरावली क्षेत्र में गांव भांखरी के पास बनाए जा रहे डंपिंग यार्ड को लेकर विरोध तेज हो गया है। सोमवार को सैनिक कॉलोनी के निवासियों और भांखरी गांव के ग्रामीणों ने सेक्टर-16 पहुंचकर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल से मुलाकात की। लोगों ने मंत्री के सामने अपनी समस्या रखते हुए डंपिंग यार्ड को दूसरी जगह स्थानांतरित कराने की मांग की। उनका कहना है कि अरावली की पहाड़ियों में कचरा डालने से फरीदाबाद के पर्यावरण और आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। अरावली की हरियाली पर खतरे की आशंका ग्रामीणों ने मंत्री को बताया कि अरावली क्षेत्र फरीदाबाद के पर्यावरण को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यहां बड़ी मात्रा में कचरा डाले जाने से पहाड़ियों की हरियाली और प्राकृतिक वातावरण को नुकसान पहुंच सकता है। लोगों को आशंका है कि कचरे से निकलने वाली दुर्गंध, गंदा पानी और प्रदूषण आसपास की आबादी के लिए परेशानी पैदा करेंगे। उन्होंने कहा कि सैनिक कॉलोनी सहित आसपास के रिहायशी क्षेत्रों के लोग इस समस्या से प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए डंपिंग यार्ड बनाने के फैसले पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए। पहले भी हो चुका है विरोध, निगम की अस्थायी व्यवस्था पर सवाल भांखरी के पास अरावली क्षेत्र में कचरा डालने के विरोध में ग्रामीणों और आसपास की कॉलोनियों के लोग पहले भी प्रदर्शन कर चुके हैं। लोगों ने कचरे से भरे वाहनों को रोककर विरोध जताया था। इस मामले में धरना, पुलिस कार्रवाई और महापंचायत के बाद आंदोलन तेज करने की रणनीति भी बनाई गई है। नगर निगम की ओर से इस स्थान पर कचरा डालने को अस्थायी व्यवस्था बताया गया है। निगम अधिकारियों के अनुसार, शहर में रोजाना निकलने वाले कचरे के निस्तारण के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तलाशना जरूरी है। हालांकि, स्थानीय लोग इस व्यवस्था को लेकर संतुष्ट नहीं हैं। सरकार के सामने रखेंगे समस्या मंत्री विपुल गोयल ने ग्रामीणों की बात सुनते हुए कहा कि लोग उनसे मिलने आए हैं और उनकी समस्या को सरकार के सामने रखा जाएगा। अब ग्रामीणों की मांग है कि अरावली क्षेत्र में कचरा डालने पर रोक लगाई जाए और इसके निस्तारण के लिए कोई दूसरी जगह निर्धारित की जाए, ताकि पर्यावरण और आसपास की आबादी को संभावित नुकसान से बचाया जा सके।

