(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 26 अक्टूबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को वाल्मीकि जयंती पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि महर्षि वाल्मीकि के मानवता के लिए दिए गए अनमोल संदेश हमेशा लोगों के लिए पथ-प्रदर्शक बने रहेंगे। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘महर्षि वाल्मीकि जयंती पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। उनके महान विचार भारतीय संस्कृति और विरासत के मूलभूत तत्व रहे हैं, जो हर युग में राष्ट्र को पुष्पित-पल्लवित करते रहेंगे।’’
हिंदू महाकाव्य रामायण की रचना महर्षि वाल्मीकि ने की थी।
प्रधानमंत्री ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में भी महर्षि वाल्मीकि की जयंती का उल्लेख किया था, जिसे वाल्मीकि जयंती के रूप में मनाया जाता है। मोदी ने कहा कि हजारों साल बीत जाने के बावजूद महर्षि वाल्मीकि की रचित रामायण आज भी सभी को नयी सीख और दृष्टि प्रदान करती है। उन्होंने कहा, ‘‘रामायण के माध्यम से महर्षि वाल्मीकि ने हमें जीवन की गहरी सीख दी है।
एक ओर उन्होंने निरंतर प्रयास के महत्व पर जोर दिया, तो दूसरी ओर सेवा, करुणा और सामाजिक सद्भाव की महत्ता को भी रेखांकित किया।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि वाल्मीकि रामायण में भगवान राम का चरित्र इन मूल्यों का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि भगवान राम ने माता शबरी के प्रेम और भक्ति को अपनाया तथा निषादराज के साथ अपनी मित्रता का मान रखा। मोदी ने कहा, ‘‘सबको साथ लेकर चलने की भावना- ये आदर्श आज भी हमारा मार्गदर्शन करते हैं।’’
उन्होंने कहा कि यही भावना अयोध्या के राम मंदिर में भी दिखाई देती है, जहां महर्षि वाल्मीकि, निषादराज और माता शबरी को समर्पित मंदिर भी बनाए गए हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मुझे इस बात की खुशी है कि अयोध्या के हवाई अड्डे का नाम भी महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा गया है। ये पहल हमारी महान परंपरा को समृद्ध करती हैं- वह परंपरा, जिसमें सेवा, सामाजिक सद्भाव और करुणा को सर्वोच्च महत्व दिया जाता है।’’

