अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अराघची का ऐलान: ‘जंग हो या न हो, अपनी राह पर कायम रहेंगे’

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अराघची का ऐलान: ‘जंग हो या न हो, अपनी राह पर कायम रहेंगे’

Middl East Tensions: ईरानी समाचार एजेंसी ISNA के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि चाहे कोई और युद्ध छिड़े या न छिड़े, ईरान की नीतियां वैसी ही बनी रहेंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि तेहरान के खिलाफ कोई भी और सैन्य कार्रवाई करना तर्कहीन होगा।

ISNA के मुताबिक, अराघची ने ये बातें ‘शहीद सैयद कमाल खराजजी डॉक्यूमेंटेशन सेंटर एंड म्यूजियम’ के उद्घाटन समारोह में कहीं। यह कार्यक्रम विदेश नीति पर आम सहमति बनाने में सैयद कमाल खराजजी की भूमिका पर चर्चा करने के लिए आयोजित एक विशेष बैठक थी, जिसमें विदेश मंत्रालय की एक विशेष लाइब्रेरी का भी उद्घाटन किया गया।
अराघची ने कहा, ‘आज फिर से युद्ध की बातें हो रही हैं, लेकिन मैं युद्ध के बारे में सोच रहा हूं, चाहे युद्ध हो या न हो, हमारी नीतियां वैसी ही बनी रहेंगी।’

अघारची बोले: समझदार होंगे तो वे हमला नहीं करेंगे

अघारची ने कहा कि, ‘अमेरिका में अगर थोड़ी भी समझदारी है, तो वे ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई करने की कोशिश नहीं करेंगे।’अराघची ने यह भी कहा कि 40 दिनों के युद्ध के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) अपनी पुरानी स्थिति में वापस नहीं आएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस संघर्ष ने क्षेत्रीय सुरक्षा के परिदृश्य में एक बुनियादी बदलाव ला दिया है।

उन्होंने कहा, “होर्मुज जलडमरूमध्य अब वैसा नहीं रहेगा जैसा 40 दिनों के युद्ध से पहले था।” अराघची ने आगे कहा, यही समझदारी होगी, वे अब ईरान पर हमला करने की कोशिश नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, ‘इस क्षेत्र में एक नई वास्तविकता सामने आई है, और अब कुछ भी वैसा नहीं रहेगा जैसा पहले हुआ करता था।

यह संघर्ष एक टर्निंग पॉइंट

इस संघर्ष को क्षेत्रीय इतिहास में एक ‘टर्निंग पॉइंट’ (महत्वपूर्ण मोड़) बताते हुए, ईरानी विदेश मंत्री ने कहा, ‘रमजान युद्ध इस क्षेत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ है; इसने सभी सुरक्षा ढांचों को पूरी तरह से बदल दिया है।’अराघची ने कहा कि, इस युद्ध का अंत सभी मोर्चों पर होना चाहिए।

अराघची ने यह भी दावा किया कि इस संघर्ष के दौरान ईरानी बलों ने अमेरिका के 80 से अधिक विमानों और लड़ाकू जेट विमानों को “नष्ट” कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें से लगभग सभी विमानों को जमीन पर खड़े होने के दौरान ही मिसाइलों से निशाना बनाया गया था। उन्होंने कहा, “इस युद्ध में हमने अमेरिका के 80 से ज़्यादा विमानों और लड़ाकू जेट को नष्ट कर दिया है। इनमें से लगभग सभी को ज़मीन पर ही मिसाइलों से निशाना बनाया गया था।”

उन्होंने आगे दावा किया कि इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिका के लगभग सभी बेस पूरी तरह तबाह हो गए हैं और वहां मौजूद सैकड़ों इमारतें नष्ट हो गई हैं। ISNA के अनुसार, अरागची ने कहा, “इस क्षेत्र में अमेरिका के लगभग सभी बेस पूरी तरह तबाह हो गए हैं और इन बेस में मौजूद सैकड़ों इमारतें नष्ट हो गई हैं।”

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