जॉर्डन के एक चर्च में बुधवार को अंतिम संस्कार के दौरान अंधाधुंध गोलीबारी हुई। इस हमले में आठ लोगों की मौत हो गई है, जबकि 40 अन्य घायल हो गए।हमले के दौरान चर्च में मौजूद एक वकील नासेर अल-बुरकान ने घटना की खौफनाक कहानी बताई है।
उन्होंने बताया कि एक हमलावर ने उनके बेहद करीब आकर उन पर बंदूक तान दी और गोली चला दी। इस घटना के बाद जॉर्डन में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अधिकारी हमलावरों की तलाश कर रहे हैं।
दो मीटर की दूरी से हमलावर ने चलाई गोली
नासेर अल-बुरकान ने बताया कि शुक्रवार को चर्च में प्रार्थना शुरू ही हुई थी कि उन्हें एयर कंडीशनर फटने जैसी आवाज सुनाई दी। कुछ ही देर में लगातार धमाके जैसी आवाजें आने लगीं। इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि चर्च में गोलीबारी हो रही है।
गोलीबारी शुरू होते ही कुछ लोग जान बचाने के लिए बाहर भागे, जबकि कई लोग चर्च के अंदर ही छिप गए। कुछ घायलों के शरीर से खून बह रहा था। इसी बीच वहां मौजूद लोगों के बीच मौतों की खबर फैलने लगी।
टूटे हुए कांच के टुकड़े उनके चेहरे पर लगे
बुरकान ने बताया कि गोलीबारी रुकने के बाद उन्होंने अपने पीछे की खिड़की से बाहर देखा। वहां दो हमलावर दिखाई दिए। उनमें से एक ने चेहरे पर नकाब पहन रखा था, जबकि दूसरे के हाथ में पिस्तौल थी।
उन्होंने बताया कि एक हमलावर उनसे करीब दो मीटर की दूरी पर खड़ा था। उसने उन पर बंदूक तानी और गोली चला दी। गोलीबारी के दौरान टूटे हुए कांच के टुकड़े उनके चेहरे पर लगे, जिससे खून निकलने लगा। हालांकि, उन्होंने अस्पताल ले जाने की पेशकश करने वाले लोगों से कहा कि वह ठीक हैं।
बेटे को भी लगी गोली, अस्पताल में चल रहा इलाज
इस हमले में बुरकान के बेटे भी घायल हो गए। वह भी उस समय चर्च में मौजूद थे। कुछ देर बाद बेटे ने फोन कर पिता को बताया कि उसके पैर में गोली लगी है और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।
यह हमला जॉर्डन के कराक प्रांत में स्थित ग्रीक ऑर्थोडॉक्स हमूद चर्च में हुआ। यह इलाका राजधानी अम्मान से करीब 120 किलोमीटर दूर है। घटना से स्थानीय ईसाई समुदाय में डर और चिंता का माहौल है।
राजा अब्दुल्ला ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
जॉर्डन में इस तरह के हमले आम नहीं हैं। हालांकि, देश की सुरक्षा एजेंसियां पिछले कुछ वर्षों में इस्लामी चरमपंथियों की कई कथित साजिशों को नाकाम करने का दावा करती रही हैं।
हमले के कुछ घंटे बाद जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला कराक पहुंचे। उन्होंने दोषियों के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी। अधिकारियों ने कहा है कि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि हमलावरों का किसी जाने-माने संगठन से संबंध है या नहीं। फिलहाल किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
मॉल और विदेशी दूतावासों की सुरक्षा बढ़ाई गई
अमेरिका के साथ आतंकवादी संगठनों के खिलाफ अभियान में सहयोग करने वाले जॉर्डन में घटना के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अम्मान स्थित अमेरिकी दूतावास ने शनिवार को बताया कि देशभर में मॉल, विदेशी दूतावासों और अन्य अहम स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।
अधिकारी हमलावरों की तलाश में जुटे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही हमले के पीछे की वजह और इसके संभावित संबंधों के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

