लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद (एलएएचडीसी), लेह के पूर्व कार्यकारी पार्षद कोंचोक स्टैनजिन ने पूर्वी लद्दाख के चांगथांग क्षेत्र में न्योमा और दुर्बुक तक रियायती हेलीकॉप्टर सेवा का विस्तार करने की मांग की है। मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने इस मांग का समाधान निकालने का आश्वासन दिया है। स्टैनजिन ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में प्रशासन से दूरदराज के इलाकों के निवासियों को हवाई संपर्क की समान सुविधा उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
उन्होंने उपराज्यपाल वी के सक्सेना और मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा से चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से लगे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण न्योमा और दुर्बुक उपमंडलों तक रियायती हेलीकॉप्टर सेवा का विस्तार करने की अपील की। उन्होंने कहा, लद्दाख के उपराज्यपाल और मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा से अनुरोध है कि चांगथांग के लिए रियायती हेलीकॉप्टर सेवा में न्योमा और दुर्बुक को भी शामिल किया जाए। हम भी इस सुविधा तक समान पहुंच के हकदार हैं।
इस पोस्ट के जवाब में मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने कहा, ठीक है, हम इसका समाधान निकालेंगे। लद्दाख प्रशासन ने केंद्रशासित प्रदेश में लेह और दूरदराज के इलाकों के बीच संपर्क बेहतर बनाने के लिए 30 सितंबर को रियायती हेलीकॉप्टर सेवा फिर से शुरू की थी। इसका उद्देश्य विशेष रूप से कड़ाके की सर्दी के दौरान संपर्क सुविधा में सुधार करना है।
यह सेवा केंद्रीय गृह मंत्रालय के सहयोग से हुए पट्टा समझौते के तहत पवन हंस लिमिटेड द्वारा संचालित की जा रही है। फिलहाल यह हेलीकॉप्टर सेवा लेह को सात स्थानों-कारगिल, पदुम, लिंगशेड, डिबलिंग, न्येरक, दिस्कित और तुरतुक से जोड़ती है। इससे स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को परिवहन का वैकल्पिक साधन मिलता है तथा आपात स्थिति में चिकित्सा संबंधी जरूरतों को पूरा करने में भी मदद मिलती है।
पूर्वी लद्दाख के चांगथांग क्षेत्र में स्थित न्योमा और दुर्बुक भारत-चीन सीमा से लगे अधिक ऊंचाई वाले इलाके हैं। सर्दियों में सड़क मार्ग से यात्रा कठिन होने के कारण इन क्षेत्रों में हवाई संपर्क विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है।

