रामदास कदम की मनोज जरांगे को चेतावनी, बोले- एकनाथ शिंदे के खिलाफ बयानबाजी बर्दाश्त नहीं करेगा मराठा समाज

रामदास कदम की मनोज जरांगे को चेतावनी, बोले- एकनाथ शिंदे के खिलाफ बयानबाजी बर्दाश्त नहीं करेगा मराठा समाज

Eknath Shinde: महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच 500 करोड़ रुपए को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बढ़ गया है। शिंदे की शिवसेना के वरिष्ठ नेता रामदास कदम ने जरांगे पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें चेतावनी दी कि वे शिंदे के खिलाफ बयानबाजी नहीं करें। कदम ने जरांगे की संपत्ति की जांच कराने की मांग भी की। दरअसल बीड जिले के नारायणगढ़ में दशहरा रैली को संबोधित करते हुए मनोज जरांगे ने एकनाथ शिंदे से सवाल किया था कि क्या उन्होंने उन्हें 500 करोड़ रुपए दिए हैं?

रामदास ने किया पलटवार

जरांगे ने यह भी पूछा था कि क्या शिंदे ने यह रकम भाजपा से ली है। उन्होंने कहा था कि यदि उनके पास 500 करोड़ रुपए नहीं हैं तो शिंदे उन्हें खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं या भाजपा शिंदे को खत्म कर रही है। जरांगे के इस बयान पर रामदास कदम ने जवाब देते हुए कहा कि जरांगे मराठा समाज को न्याय दिलाने के लिए अनशन करते हैं, इस पर उन्होंने कभी विरोध नहीं किया, लेकिन शिंदे पर 500 करोड़ रुपए को लेकर आरोप लगाना गलत है। कदम ने कहा कि जरांगे शिंदे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे तो मराठा समाज इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।

जरांगे की संपत्ति की जांच की मांग

रामदास कदम ने जरांगे पर अनशन के दौरान चोरी-छिपे खाना खाने और लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने शिंदे से जरांगे की जांच कराने की मांग की। कदम ने कहा कि जरांगे के मराठा समाज के नेता बनने के बाद उनकी संपत्ति कहां है और किन लोगों के नाम पर है, इसकी जांच होनी चाहिए। इससे सच्चाई सामने आ जाएगी। कदम ने कहा कि एकनाथ शिंदे ने मराठा समाज को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया है। ऐसे में उन पर 500 करोड़ रुपए लेने का आरोप लगाना ठीक नहीं है। उन्होंने जरांगे से सवाल किया कि वे किसके कहने पर शिंदे को बदनाम कर रहे हैं।

शिंदे हमारे लिए देवता समान: कदम

रामदास कदम ने कहा कि एकनाथ शिंदे उनके लिए देवता समान हैं। मराठा समाज भी उनका सम्मान करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि शिंदे के खिलाफ इस तरह की बयानबाजी महाराष्ट्र और मराठा समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। कदम ने जरांगे के प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और शिंदे के लिए कथित तौर पर अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि समाज ने जरांगे को मराठा समुदाय को न्याय दिलाने के लिए समर्थन दिया था, लेकिन उन्हें इसका गलत फायदा नहीं उठाना चाहिए।

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