कांग्रेस ने कथित तौर पर उत्तर प्रदेश विधानसभा की उन सीटों की एक सूची तैयार की है, जिन पर वह आगामी चुनावों में चुनाव लड़ना चाहती है। पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा खुद इस पूरी प्रक्रिया पर नज़र रख रही हैं। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच गठबंधन की संभावनाओं पर चर्चा चल रही है। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या दोनों पार्टियां सीटों के बंटवारे पर सहमत हो पाएंगी। दोनों ही दल साथ आने के इच्छुक हैं, फिर भी बातचीत का दौर चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कांग्रेस काफी बड़ी संख्या में सीटों पर अपना दावा पेश करने की तैयारी कर रही है, जबकि SP प्रमुख अखिलेश यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि गठबंधन में सीटों का बंटवारा इस आधार पर होना चाहिए कि चुनाव जीतने की संभावना सबसे ज़्यादा कहाँ है।
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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, प्रियंका ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के लिए कांग्रेस प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष और कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष इमरान मसूद के साथ एक बैठक की। उन्होंने बताया कि इस बैठक में उन विधानसभा क्षेत्रों की पहचान करने पर चर्चा हुई, जहां कांग्रेस को लगता है कि उसकी स्थिति मजबूत है। सूत्रों ने बताया कि पार्टी ने उन सीटों की सूची को अंतिम रूप दे दिया है, जिन पर वह चुनाव लड़ना चाहती है।
प्रियंका पूरे राज्य में कांग्रेस की चुनावी संभावनाओं का आकलन करने के लिए पार्टी नेताओं के साथ लगातार बातचीत भी कर रही हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस 150 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है, हालांकि सीटों की अंतिम संख्या समाजवादी पार्टी के साथ होने वाली बातचीत पर निर्भर करेगी। आने वाले दिनों में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी के साथ सीट-बंटवारे पर बातचीत करने के लिए एक टीम गठित कर सकती है। प्रस्तावित योजना के अनुसार, दोनों पार्टियां सबसे पहले उन निर्वाचन क्षेत्रों की सूची तैयार करेंगी और एक-दूसरे के साथ साझा करेंगी, जहां से वे चुनाव लड़ना चाहती हैं। इसके बाद, वे आमने-सामने बैठकर अपने-अपने दावों पर चर्चा करेंगी और एक ऐसी व्यवस्था बनाने की कोशिश करेंगी जो दोनों को मंजूर हो। यह बातचीत विपक्षी गठबंधन के लिए एक बड़ी परीक्षा साबित हो सकती है, क्योंकि कांग्रेस ज्यादा सीटें चाहती है, जबकि समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में अपना दबदबा बनाए रखना चाहती है।
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हालाँकि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी मिलकर चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं, लेकिन सीटों का बंटवारा एक पेचीदा मुद्दा बना हुआ है। कांग्रेस राज्य में अपनी मौजूदगी को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाना चाहती है, जबकि अखिलेश यादव ने प्रस्ताव दिया है कि गठबंधन में सीटों का बंटवारा चुनावी ताकत के आधार पर होना चाहिए। सपा प्रमुख ने हाल ही में कहा कि कांग्रेस के साथ गठबंधन तो होगा, लेकिन सीटों का बंटवारा जीत की संभावनाओं के आधार पर तय किया जाना चाहिए। उनके सुझाए गए फॉर्मूले के अनुसार, जिस पार्टी या उम्मीदवार के जीतने की संभावना ज्यादा हो, उस सीट पर पहला दावा उसी का होना चाहिए।

