महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री और शिवसेना नेता प्रताप सरनाईक ने मीरा-भायंदर के भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता और अन्य पार्षदों पर ‘‘गंभीर कदाचार’’ का आरोप लगाते हुए राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा से तत्काल उन्हें अयोग्य ठहराने की मांग की है। सरनाईक ने सोमवार को मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को भी पत्र भेजा है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि 16 अक्टूबर को मेहता 40-50 पार्षदों और सैकड़ों समर्थकों के साथ मीरा-भायंदर नगर निगम आयुक्त राधाबिनोद शर्मा के आवास पर पहुंचे।
आरोप है कि भीड़ ने आयुक्त और उनके परिवार को डराने की कोशिश की, ताकि पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज कराए जा सकें। सरनाईक ने पार्षदों की सदस्यता रद्द करने, आरोपियों की गिरफ्तारी और आईएएस अधिकारियों के संगठन की विशेष समिति से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि कड़ी कार्रवाई नहीं होने से प्रशासनिक अधिकारियों का मनोबल और लोकतंत्र कमजोर होगा।

