भागलपुर के पीरपैंती पंचायत की मुखिया गुलफ्सा परवीन जनता दल यूनाइटेड (जदयू) में शामिल हो गईं। जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष सैयद मोहम्मद फैसल ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर छात्र जदयू के विश्वविद्यालय अध्यक्ष मोहम्मद एहसान उल राजा उर्फ डेविड सहित कई लोग मौजूद रहे। गुलफ्सा परवीन ने महज 23 साल की उम्र में मुखिया बनकर अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की थी। वह प्रखंड में सबसे कम उम्र में मुखिया बनने वाली प्रतिनिधियों में शामिल हैं। पहली बार पंचायत की जिम्मेदारी संभालने के बाद अब उन्होंने जदयू की सदस्यता ग्रहण की है। उनके इस फैसले को पीरपैंती की स्थानीय राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। मुस्लिम समाज की महिलाओं को पार्टी से जोड़ने का लक्ष्य गुलफ्सा परवीन ने कहा कि उनका उद्देश्य मुस्लिम समाज की अधिक से अधिक महिलाओं को जदयू से जोड़ना है। वह चाहती हैं कि महिलाएं राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाएं और संगठन से जुड़कर अपनी भूमिका मजबूत करें। पार्टी की सदस्यता लेने के पीछे महिलाओं को राजनीति से जोड़ना उनका प्रमुख लक्ष्य है। गुलफ्सा परवीन बोलीं- नीतीश कुमार के विकास कार्यों से प्रभावित गुलफ्सा परवीन ने कहा कि मैं पूर्व मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में हुए विकास कार्यों से प्रभावित हूं। इसी से प्रेरित होकर उन्होंने जदयू की सदस्यता ग्रहण की। पार्टी से जुड़कर वह मुस्लिम समाज की महिलाओं को संगठन से जोड़ने की दिशा में काम करना चाहती हैं। सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम में मुखिया प्रतिनिधि शेख सुल्तान, मोहम्मद दानेश, मोहम्मद राजीस और मोहम्मद नौसर आलम सहित कई गणमान्य व्यक्ति एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। इस दौरान संगठनात्मक गतिविधियों और क्षेत्र के विकास से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। भागलपुर के पीरपैंती पंचायत की मुखिया गुलफ्सा परवीन जनता दल यूनाइटेड (जदयू) में शामिल हो गईं। जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष सैयद मोहम्मद फैसल ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर छात्र जदयू के विश्वविद्यालय अध्यक्ष मोहम्मद एहसान उल राजा उर्फ डेविड सहित कई लोग मौजूद रहे। गुलफ्सा परवीन ने महज 23 साल की उम्र में मुखिया बनकर अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की थी। वह प्रखंड में सबसे कम उम्र में मुखिया बनने वाली प्रतिनिधियों में शामिल हैं। पहली बार पंचायत की जिम्मेदारी संभालने के बाद अब उन्होंने जदयू की सदस्यता ग्रहण की है। उनके इस फैसले को पीरपैंती की स्थानीय राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। मुस्लिम समाज की महिलाओं को पार्टी से जोड़ने का लक्ष्य गुलफ्सा परवीन ने कहा कि उनका उद्देश्य मुस्लिम समाज की अधिक से अधिक महिलाओं को जदयू से जोड़ना है। वह चाहती हैं कि महिलाएं राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाएं और संगठन से जुड़कर अपनी भूमिका मजबूत करें। पार्टी की सदस्यता लेने के पीछे महिलाओं को राजनीति से जोड़ना उनका प्रमुख लक्ष्य है। गुलफ्सा परवीन बोलीं- नीतीश कुमार के विकास कार्यों से प्रभावित गुलफ्सा परवीन ने कहा कि मैं पूर्व मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में हुए विकास कार्यों से प्रभावित हूं। इसी से प्रेरित होकर उन्होंने जदयू की सदस्यता ग्रहण की। पार्टी से जुड़कर वह मुस्लिम समाज की महिलाओं को संगठन से जोड़ने की दिशा में काम करना चाहती हैं। सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम में मुखिया प्रतिनिधि शेख सुल्तान, मोहम्मद दानेश, मोहम्मद राजीस और मोहम्मद नौसर आलम सहित कई गणमान्य व्यक्ति एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। इस दौरान संगठनात्मक गतिविधियों और क्षेत्र के विकास से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।

