हाथी के उत्पात के बाद मलिक ने बंद किया मोबाइल:आजमगढ़ के दीदारगंज विधानसभा से 2027 में कर रहे हैं दावेदारी, 5 वर्षों से पाले हैं हाथी

हाथी के उत्पात के बाद मलिक ने बंद किया मोबाइल:आजमगढ़ के दीदारगंज विधानसभा से 2027 में कर रहे हैं दावेदारी, 5 वर्षों से पाले हैं हाथी

वाराणसी की मशहूर श्रीरामलीला में शामिल होने गए जिस हाथी ने उत्पात मचाया। वह हाथी आजमगढ़ जिले के बरदह थाना क्षेत्र के अस्वनिया गाँव के रहने वाले शिवली सिंह अस्वनिया उर्फ जसवंत सिंह की है। काशी की घटना के बाद जसवंत सिंह ने अपना मोबाइल बंद कर दिया है। जसवंत सिंह सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी से जुड़े हुए हैं और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी भी कर रहे हैं। यही कारण है कि प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर के कार्यक्रमों में जसवंत सिंह की कई तस्वीरें और वीडियो सामने आये हैं। इस पूरी घटना के बारे में जब जसवंत सिंह का पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो एक बार कॉल लगने के बाद मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया गया। इस हाथी की देखभाल करने वाले महावत को भी हाथी ने उठाकर पटक दिया। इसके साथ ही दांतों और पैरों से भी कुचलने का प्रयास किया। महावत को 50 से अधिक टांके लगे हुए हैं। इस बारे में गांव का भी कोई व्यक्ति कुछ भी बोलने से पूरी तरह से इनकार कर रहा है। आजमगढ़ से रामलीला में शामिल होने गया था हाथी
आजमगढ़ जिले के बरदह थाना क्षेत्र के रहने वाले शिबली सिंह उर्फ जसवंत सिंह की हाथी को लेकर जिले के तहबरपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला महावत छपालु काशी गया था जो कि लंबे समय से हाथी की देखभाल कर रहा था। इसी दौरान अचानक हाथी बेकाबू हो गया। और महावत को ही कुचलने का प्रयास किया। लगभग 7 घंटे तक काशी में पुलिस प्रशासन और वन विभाग की टीम हाथी को काबू करने में जुटी हुई थी इस दौरान कई बिजली के खंभे उखाड़ दिया जिसके कारण लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। जसवंत सिंह का छतरपुर में इनका इंटर कॉलेज और डिग्री कॉलेज भी चलता है।

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