Street Fighter फ्रैंचाइज़ी की तीसरी लाइव-एक्शन फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज, IGN रिव्यू में फिल्म की कमियों और खूबियों पर चर्चा

Street Fighter फ्रैंचाइज़ी की तीसरी लाइव-एक्शन फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज, IGN रिव्यू में फिल्म की कमियों और खूबियों पर चर्चा

प्रसिद्ध वीडियो गेम फ्रेंचाइजी पर आधारित तीसरी लाइव-एक्शन फिल्म ‘स्ट्रीट फाइटर’ इस हफ्ते बड़े पर्दे पर वापस आ गई है। साल 1994 और 2009 के बाद यह इस लोकप्रिय गेम का तीसरा लाइव-एक्शन रूपांतरण है। सवाल यह है कि क्या इस बार यह फिल्म दर्शकों और गेमर्स की उम्मीदों पर खरी उतर पाई है? प्रमुख मनोरंजन पोर्टल IGN के टॉम जोर्गेनसेन के रिव्यू के अनुसार, फिल्म पूरी तरह से कमाल तो नहीं कर पाई, लेकिन यह साल 2009 की ‘द लीजेंड ऑफ चुन-ली’ से निश्चित रूप से बेहतर है।

क्या है फिल्म की कहानी?
इस बार की कहानी पुराने दोस्तों केन (नोआ सेंटिनियो) और र्यू (एंड्रयू कोजी) के इर्द-गिर्द घूमती है। कई सालों की अनबन और दूरियों के बाद, चुन-ली (कैलिना लियांग) इन दोनों को दूसरे ‘वर्ल्ड वॉरियर’ टूर्नामेंट के लिए एकजुट करती है। इस टूर्नामेंट का आयोजन शैडालू के कुख्यात तानाशाह एम. बाइसन (डेविड दस्तमालचियन) द्वारा किया जा रहा है।

हालांकि, बाइसन के इस आयोजन के पीछे एक खतरनाक और छिपा हुआ मकसद है। उसका असली लक्ष्य पिछले ‘वर्ल्ड वॉरियर’ टूर्नामेंट के विजेता र्यू को पकड़ना है, ताकि वह उसकी जादुई ‘हाडो पावर’ (जिससे र्यू के पास ‘हाडोकेन’ बनाने की खास क्षमता आती है) को अपने कब्जे में ले सके।

स्पॉइलर ज़ोन: टूर्नामेंट और फाइट्स को लेकर क्या रही कमियां?
फिल्म के प्लॉट में एक बड़ा मोड़ यह है कि कहानी में टूर्नामेंट का असल महत्व महज बाइसन की एक बड़ी योजना का छलावा मात्र है। केन, जो इस टूर्नामेंट को अपने लिए बहुत महत्वपूर्ण मानता है, शुरू में इस बात को स्वीकार नहीं करना चाहता।

फिल्मी दृष्टिकोण से देखें तो ‘स्ट्रीट फाइटर’ में टूर्नामेंट के दृश्यों को लेकर कुछ ऐसी बातें सामने आई हैं जो प्रशंसकों को थोड़ी निराश कर सकती हैं:

लड़ाइयों का स्क्रीन से बाहर होना: केन को कम से कम दो बड़े मुकाबले मिलते हैं—पहले उसका सामना बालरोग (कर्टिस “50 सेंट” जैक्सन) से और फिर धालसिम (विद्युत जामवाल) से होता है, जिसमें वह जीत दर्ज कर फाइनल में पहुंचता है। लेकिन कई रोमांचक लड़ाइयों को पूरी तरह से स्क्रीन से बाहर (Off-screen) रखा गया है।

वेगा और गाइले का मुकाबला: उदाहरण के लिए, वेगा (ऑर्विल पेक) ने गाइले (कोडी रोड्स) को हरा दिया, लेकिन दर्शकों को इसका एक भी पल देखने को नहीं मिलता। बस बाद में गाइले के चेहरे पर तीन गहरे घाव दिखाए जाते हैं।

किरदारों का गायब होना: ज़ैंगिएफ़ (ओलिवियर रिचटर्स) और धालसिम के बीच के मुकाबले का कोई जिक्र नहीं है। यहाँ तक कि ज़ैंगिएफ़ तो टूर्नामेंट शुरू होने से पहले एक क्लब की हाथापाई के बाद पूरी फिल्म से ही गायब हो जाता है-न उसकी हार दिखाई जाती है और न ही उसका कोई अता-पता रहता है।

इन तमाम कमियों और अधूरी फाइट्स के बावजूद, फिल्म के एक्शन सीक्वेंस और जाने-माने किरदारों की वापसी ने सिनेमाघरों में दर्शकों का ध्यान जरूर खींचा है।

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