Hunger Crisis 2026: भारत के चार पड़ोसी देश दुनिया के उन 10 देशों में शामिल हो चुके हैं, जहां भुखमरी की स्थिति सबसे गंभीर है। अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठन ‘एक्शन अगेंस्ट हंगर’ की रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है। इस लिस्ट में पाकिस्तान अभी शामिल हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में भूखमरी बढ़ने का कारण लगातार बढ़ती गरीबी, जलवायु आपदाओं और मानवीय मदद में कमी है। इसके चलते पाकिस्तान के लाखों लोग भरपेट भोजन और बेहतर पोषण के लिए तरस रहे हैं।
10 में से 4 देश भारत के पड़ोसी
एक्शन अगेंस्ट हंगर की रिपोर्ट के मुताबिक, जिन 10 देशों में भूखमरी की स्थिति सबसे गंभीर हैं, उनमें भारत के चार पड़ोसी देश शामिल हैं। इनमें अफगानिस्तान, म्यांमार, बांग्लादेश, पाकिस्तान शामिल हैं। इसके अलावा इस लिस्ट में नाइजीरिया, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, सूडान, यमन, साउथ सूडान और सीरिया शामिल हैं। पाकिस्तान इनमें 8वें स्थान पर है।
पाकिस्तान के 1 करोड़ लोगों को मदद की जरूरत
इस लिस्ट में पाकिस्तान अभी शामिल हुआ है। रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि साल 2026 में पाकिस्तान के करीब 1.06 करोड़ लोगों को मानवीय सहायता की जरूरत होगी। पाकिस्तान में भूखमरी का कारण खाने-पीने की चीजों की ऊंची कीमतें, बढ़ता घरेलू खर्च, बेरोजगारी, घटती आय और आर्थिक अस्थिरता है। विशेष रूप से ग्रामीण और आपदा प्रभावित इलाकों में।
जलवायु परिवर्तन का प्रभाव
इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण कारण जलवायु परिवर्तन है, पाकिस्तान की खाद्य सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बना हुआ है। लगातार आती बाढ़, सूखा, भीषण गर्मी, ग्लेशियर पिघलने से आने वाली बाढ़ और बेमौसम मानसूनी बारिश ने बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है, कृषि उपज घटाई है और पशुपालन पर आधारित आजीविका को बुरी तरह प्रभावित किया है।
10 सालों में भूखमरी में डबल इजाफा
वैश्विक स्तर पर, भुखमरी से सबसे ज्यादा प्रभावित 10 देशों में करीब 17.7 करोड़ लोग रहते हैं। पिछले एक दशक में गंभीर भुखमरी के मामलों में दोगुना इजाफा हुआ है, जिससे 47 देशों के करीब 26.6 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं। एक्शन अगेंस्ट हंगर के मुताबिक, भारत फिलहाल इन 10 देशों में शामिल नहीं हैं। लेकिन इसके आंकड़ों के अनुसार, भारत में 17.21 करोड़ लोग भूख से प्रभावित बताए गए हैं।


11M Pakistanis face acute hunger. 2.7M children under five face acute malnutrition.