विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रयागराज में प्रशासनिक सक्रियता बढ़ गई है। इसी क्रम में नए पोलिंग बूथों के पुनर्गठन और भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू कर दी गई है। जिले में अब 1200 मतदाताओं के मानक पर नए मतदान केंद्र तय किए जाएंगे। इस संबंध में डीएम व जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई, जिसमें आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए नए मतदेय स्थलों के प्रस्ताव तैयार करने पर चर्चा की गई। साथ ही 23 अक्टूबर तक आपत्ति मांगी गई। विधानसभा चुनाव को पारदर्शी, सुगम और निष्पक्ष कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत 16 से 18 अक्टूबर तक जिले भर में मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन, पुनर्निर्धारण और नए भवनों का चिन्हांकन किया जा रहा है। 1200 मतदाताओं के आधार पर बूथ बनने से मतदान के दिन लंबी कतारों से राहत मिलेगी और वे आसानी से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। बैठक में जानकारी दी गई कि आगामी चुनावी प्रक्रिया के तहत आपत्तियों और सुझावों के लिए मतदेय स्थलों के ड्राफ्ट का प्रकाशन 19 अक्टूबर को किया जाएगा। इसके बाद 23 अक्टूबर तक सभी राजनीतिक दल या आम नागरिक अपने सुझाव व आपत्तियां संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी या जिला निर्वाचन कार्यालय में दर्ज करा सकते हैं। इस पूरी पुनर्गठन प्रक्रिया को 2 नवंबर तक अंतिम रूप दिया जाएगा। बैठक में एडीएम प्रशासन व उप जिला निर्वाचन अधिकारी उपमा पाण्डेय सहित चुनाव से जुड़े संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

