सत्ता परिवर्तन का रास्ता चुनाव से होकर जाता, राजनाथ सिंह के आरोपों पर कांग्रेस का पलटवार- लोकतंत्र में सरकार बदलना हमारा अधिकार

सत्ता परिवर्तन का रास्ता चुनाव से होकर जाता, राजनाथ सिंह के आरोपों पर कांग्रेस का पलटवार- लोकतंत्र में सरकार बदलना हमारा अधिकार

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शुक्रवार को कहा कि विपक्ष का मकसद चुनाव के जरिए सरकार बदलना है। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उन आरोपों का जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल भारत में सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। खेड़ा ने इन आरोपों पर सवाल उठाते हुए 1977 में हुए सत्ता परिवर्तन का हवाला दिया और कहा कि भारत जैसे लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन चुनाव के जरिए ही होता है। राजधानी दिल्ली में AICC कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए खेड़ा ने कहा, “हम ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ नाम से एक अभियान चला रहे हैं। पूरा देश खुलकर यही बात कह रहा है। हम खुद भी अपनी मंशा दोहरा रहे हैं कि हमें इस सरकार को हराना है और इस व्यवस्था को बदलना है। तो, राजनाथ सिंह आगे क्यों आए? हम खुद ही तो कह रहे हैं कि हम सत्ता बदल देंगे।

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उन्होंने आगे कहा विपक्ष का मकसद हमेशा चुनाव के जरिए सत्ता बदलना ही होता है। उन्हें अब लोकतंत्र की आदत नहीं रही। खेरा ने कहा कि 1977 में क्या हुआ था? क्या तब सत्ता नहीं बदली थी? जब भी विपक्ष सड़कों पर उतरता है और कोई आंदोलन होता है, तो सत्ता बदलने की बात होती ही है। भारत जैसे लोकतंत्र में सत्ता कैसे बदलती है? चुनाव के जरिए ही तो बदलती है। उनके ये बयान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस दावे के बाद आए हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चुनाव आयोग के खिलाफ युवाओं के विरोध-प्रदर्शनों का इस्तेमाल राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वे बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में भी सत्ता बदलना चाहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष युवाओं को “अराजकता की राजनीति का मोहरा” बनाकर देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है। लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा पिछले कुछ दिनों में दिल्ली में जो कुछ हुआ है, वह कई गंभीर सवाल खड़े करता है। ऐसा लगता है कि कांग्रेस और उसके राजनीतिक सहयोगी—चाहे सीधे तौर पर हों या अपने जुड़े हुए संगठनों के जरिए—युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों और राष्ट्र-निर्माण में लगाने के बजाय, उसका इस्तेमाल राजनीतिक टकराव और अराजकता फैलाने के लिए कर रहे हैं।

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