ट्विशा शर्मा मौत मामले में गिरिबाला की जमानत पर सुनवाई:दहेज मृत्यु की धारा हटने के बाद बदली हुई कानूनी हालातों पर हाईकोर्ट करेगा निर्णय

ट्विशा शर्मा मौत मामले में गिरिबाला की जमानत पर सुनवाई:दहेज मृत्यु की धारा हटने के बाद बदली हुई कानूनी हालातों पर हाईकोर्ट करेगा निर्णय

भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की नियमित जमानत याचिका पर शुक्रवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। इससे पहले जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ ने गिरिबाला सिंह को जमानत आवेदन में संशोधन की अनुमति दी थी। CBI की चार्जशीट में दहेज मृत्यु से जुड़ी धारा हटाकर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप शामिल किए जाने के बाद अब जमानत याचिका पर बदली हुई कानूनी स्थिति के आधार पर सुनवाई होगी। वहीं दूसरी ओर ट्विशा शर्मा केस की सुनवाई भोपाल से दिल्ली ट्रांसफर करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई संभावित है। दहेज मृत्यु की धारा हटने के बाद आवेदन में संशोधन पिछली सुनवाई में गिरिबाला सिंह की ओर से जमानत आवेदन में संशोधन कर दहेज मृत्यु से संबंधित धारा हटाने और नए आरोप के अनुरूप आवेदन में बदलाव करने की अनुमति मांगी गई थी। हाईकोर्ट ने संशोधन की अनुमति देते हुए कहा था कि बदले हुए आरोप के संदर्भ में जमानत पर बहस करने से पहले आवेदन में जरूरी सुधार किया जाए। CBI ने चार्जशीट में भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2) के तहत दहेज मृत्यु का आरोप हटाकर धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप जोड़ा है। 12 मई को ससुराल में फंदे पर मिली थी ट्विशा 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा 12 मई 2026 को भोपाल स्थित अपनी ससुराल में फंदे पर मिली थीं। उनकी शादी 9 दिसंबर 2025 को समर्थ सिंह से हुई थी। मौत के बाद ट्विशा के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। शुरुआती प्रकरण में पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज मृत्यु, क्रूरता और दहेज प्रतिषेध कानून की धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। ये आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं; इन्हें अदालत से साबित हुआ तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने रद्द की थी अग्रिम जमानत मामले में भोपाल की जिला अदालत ने 15 मई को गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दी थी। इस आदेश को मृतका के परिजनों और राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। 27 मई को हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत निरस्त कर दी थी। अदालत ने केस डायरी में दर्ज बयानों, पोस्टमार्टम में मिली चोटों और गर्भावस्था समाप्त कराने के कथित दबाव सहित अन्य आरोपों पर विचार किया था। इसके बाद गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को जांच के दौरान हिरासत में लिया गया। AIIMS दिल्ली की टीम ने किया था दोबारा पोस्टमार्टम ट्विशा के परिजनों ने शुरुआती पोस्टमार्टम और जांच को लेकर सवाल उठाते हुए दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की थी। हाईकोर्ट के निर्देश पर 24 मई को AIIMS दिल्ली के डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड ने भोपाल में दोबारा पोस्टमार्टम किया। बाद में CBI की चार्जशीट में शामिल रिपोर्ट के अनुसार, मौत का कारण फंदे से दम घुटना बताया गया और मृत्यु को आत्महत्या माना गया। दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत से पहले मारपीट या संघर्ष का संकेत देने वाली अन्य महत्वपूर्ण चोटें नहीं मिलने की बात भी सामने आई। CBI जांच में डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्य मामले की जांच CBI को सौंपे जाने के बाद एजेंसी ने डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्यों की जांच की। रिपोर्टों के अनुसार, जांच में चैट, कॉल रिकॉर्ड और ऑडियो रिकॉर्डिंग जैसे साक्ष्य भी शामिल हैं। CBI ने आरोपपत्र में कथित मानसिक प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़े आरोप रखे हैं। अब हाईकोर्ट में गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बदले हुए आरोपों और जांच में सामने आए तथ्यों पर विचार किया जाएगा। ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली AIIMS ने कहा- एक्टर ट्विशा ने आत्महत्या की दिल्ली AIIMS की टीम ने मॉडल-एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत को आत्महत्या बताया है। टीम के मुताबिक, ट्विशा के शव पर ऐसी कोई चोट नहीं थी, जिससे मेडिकोलीगल (कानूनी और चिकित्सीय) नजरिए से हमले या संघर्ष का संकेत मिलता हो। दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) के पांच सदस्यों वाले मेडिकल बोर्ड ने CBI को सौंपी 11 पन्नों की अपनी रिपोर्ट में ये बात कही है।पूरी खबर पढ़ें

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