दरभंगा में चंदनपट्टी-रघुनाथपुर में करीब 400 साल पुराने पीर बाबा के मजार को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-527ई (NH-527E) के निर्माण के दौरान मजार के प्रभावित होने की आशंका को लेकर पिछले करीब 20 दिनों से ग्रामीण विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। मजार को सुरक्षित रखने की मांग को लेकर मजार बचाओ संघर्ष मोर्चा, चंदनपट्टी के बैनर तले अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है। इसी बीच पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव धरनास्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए सरकार पर जमकर निशाना साधा। पप्पू यादव ने मजार को अपने पूर्वजों से जोड़ते हुए कहा कि यहां हमारे पूर्वज दफन हैं। हम उनकी पूजा करते हैं और नमाज पढ़ते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मजार को हटाने का कोई मुद्दा नहीं था, तो इसे विवाद का विषय किसने बनाया और इसके पीछे किसकी साजिश है? मजार को तोड़ने के पीछे कोई न कोई गद्दार जरूर होगा। इस लड़ाई को लड़ेंगे और मजार को टूटने नहीं देंगे। एलाइनमेंट बदलने से मजार पर संकट का आरोप
मजार बचाओ संघर्ष मोर्चा से जुड़े मुन्ना खान का आरोप है कि दरभंगा से रोसड़ा तक एनएच-527ई के निर्माण के लिए 2020 में जो एलाइनमेंट निर्धारित किया गया था, उसके अनुसार सड़क मजार से करीब 50 फीट दक्षिण की ओर से गुजरनी थी। उस समय तय मार्ग के अनुसार निर्माण होने पर मजार को किसी तरह का नुकसान नहीं होता। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में मजार के पास सड़क निर्माण का काम निर्धारित एलाइनमेंट से हटकर कराया जा रहा है। इससे मजार का हिस्सा सड़क निर्माण की जद में आने की आशंका है। इसी को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है और वे मजार को सुरक्षित रखने की मांग पर अड़े हुए हैं। सड़क निर्माण के विरोध में नहीं हैं ग्रामीण
लहेरियासराय-बहेड़ी मुख्य सड़क के किनारे मजार परिसर के पास बनाए गए धरनास्थल पर आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे सड़क निर्माण के विरोध में नहीं हैं। उनकी मांग केवल इतनी है कि सड़क का निर्माण इस तरह कराया जाए कि ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाला करीब 400 साल पुराना मजार सुरक्षित रह सके। ग्रामीणों के मुताबिक, पूर्व निर्धारित एलाइनमेंट के अनुसार सड़क का निर्माण कराया जाए तो विकास कार्य भी पूरा हो सकता है और मजार को नुकसान से बचाया जा सकता है। समाधान निकलने तक जारी रहेगा धरना मजार बचाओ संघर्ष मोर्चा के सदस्यों ने कहा कि जब तक संबंधित अधिकारियों की ओर से उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं की जाती और मजार को सुरक्षित रखने का समाधान नहीं निकलता, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन और सड़क निर्माण से जुड़े अधिकारियों से मजार स्थल का निरीक्षण करने, निर्माण के एलाइनमेंट की जांच करने और स्थानीय लोगों के साथ वार्ता कर उचित समाधान निकालने की मांग की है। अब इस विवाद में सांसद पप्पू यादव के पहुंचने और समर्थन देने के बाद मामले को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी बढ़ने के आसार हैं। दरभंगा में चंदनपट्टी-रघुनाथपुर में करीब 400 साल पुराने पीर बाबा के मजार को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-527ई (NH-527E) के निर्माण के दौरान मजार के प्रभावित होने की आशंका को लेकर पिछले करीब 20 दिनों से ग्रामीण विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। मजार को सुरक्षित रखने की मांग को लेकर मजार बचाओ संघर्ष मोर्चा, चंदनपट्टी के बैनर तले अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है। इसी बीच पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव धरनास्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए सरकार पर जमकर निशाना साधा। पप्पू यादव ने मजार को अपने पूर्वजों से जोड़ते हुए कहा कि यहां हमारे पूर्वज दफन हैं। हम उनकी पूजा करते हैं और नमाज पढ़ते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मजार को हटाने का कोई मुद्दा नहीं था, तो इसे विवाद का विषय किसने बनाया और इसके पीछे किसकी साजिश है? मजार को तोड़ने के पीछे कोई न कोई गद्दार जरूर होगा। इस लड़ाई को लड़ेंगे और मजार को टूटने नहीं देंगे। एलाइनमेंट बदलने से मजार पर संकट का आरोप
मजार बचाओ संघर्ष मोर्चा से जुड़े मुन्ना खान का आरोप है कि दरभंगा से रोसड़ा तक एनएच-527ई के निर्माण के लिए 2020 में जो एलाइनमेंट निर्धारित किया गया था, उसके अनुसार सड़क मजार से करीब 50 फीट दक्षिण की ओर से गुजरनी थी। उस समय तय मार्ग के अनुसार निर्माण होने पर मजार को किसी तरह का नुकसान नहीं होता। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में मजार के पास सड़क निर्माण का काम निर्धारित एलाइनमेंट से हटकर कराया जा रहा है। इससे मजार का हिस्सा सड़क निर्माण की जद में आने की आशंका है। इसी को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है और वे मजार को सुरक्षित रखने की मांग पर अड़े हुए हैं। सड़क निर्माण के विरोध में नहीं हैं ग्रामीण
लहेरियासराय-बहेड़ी मुख्य सड़क के किनारे मजार परिसर के पास बनाए गए धरनास्थल पर आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे सड़क निर्माण के विरोध में नहीं हैं। उनकी मांग केवल इतनी है कि सड़क का निर्माण इस तरह कराया जाए कि ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाला करीब 400 साल पुराना मजार सुरक्षित रह सके। ग्रामीणों के मुताबिक, पूर्व निर्धारित एलाइनमेंट के अनुसार सड़क का निर्माण कराया जाए तो विकास कार्य भी पूरा हो सकता है और मजार को नुकसान से बचाया जा सकता है। समाधान निकलने तक जारी रहेगा धरना मजार बचाओ संघर्ष मोर्चा के सदस्यों ने कहा कि जब तक संबंधित अधिकारियों की ओर से उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं की जाती और मजार को सुरक्षित रखने का समाधान नहीं निकलता, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन और सड़क निर्माण से जुड़े अधिकारियों से मजार स्थल का निरीक्षण करने, निर्माण के एलाइनमेंट की जांच करने और स्थानीय लोगों के साथ वार्ता कर उचित समाधान निकालने की मांग की है। अब इस विवाद में सांसद पप्पू यादव के पहुंचने और समर्थन देने के बाद मामले को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी बढ़ने के आसार हैं।

