समस्तीपुर में नकली मसाला बनाने की फैक्ट्री का खुलासा हुआ है। सदर एसडीएम राकेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस-प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम ने गुरुवार को फैक्ट्री में छापेमारी की। टीम को देखते ही वहां काम कर रहे कई लोग मौके से फरार हो गए। एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। छापेमारी के दौरान फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में निम्न गुणवत्ता वाले चावल, चावल का चूर्ण, लकड़ी का बुरादा, धान की भूसी, मसाले में मिलाने वाला रंग और सुर्खी का बुरादा समेत कई संदिग्ध सामग्री बरामद की गई। टीम ने तैयार और निर्माणाधीन अलग-अलग मसालों के नमूने भी जब्त किए हैं। इन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा। कार्रवाई के बाद फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। मामला कल्याणपुर थाना क्षेत्र के विरसिंहपुर गांव का है। चावल और बुरादे से तैयार हो रहा था मसाला सदर एसडीएम राकेश कुमार ने बताया कि सूचना मिली थी कि विरसिंहपुर में लंबे समय से नकली गरम मसाला बनाने का काम चल रहा है। सूचना के आधार पर फूड इंस्पेक्टर के साथ टीम ने फैक्ट्री में छापेमारी की। मौके पर बड़ी मात्रा में ऐसी सामग्री मिली, जिसका इस्तेमाल मसाला तैयार करने में किया जा रहा था। एसडीएम के अनुसार, प्रथम दृष्टया फैक्ट्री में बरामद सामग्री स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती है। अलग-अलग मसालों के सैंपल जब्त किए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इसमें इस्तेमाल किए गए पदार्थों की वास्तविक प्रकृति और उनके स्वास्थ्य पर प्रभाव की पुष्टि हो सकेगी।
लंबे समय से चल रही थी फैक्ट्री प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ग्रामीण इलाके में यह फैक्ट्री लंबे समय से संचालित हो रही थी। बताया गया कि शुरुआत में यहां लोगों के लाए गए खड़े मसाले की कुटाई की जाती थी। बाद में इसी जगह नकली गरम मसाला तैयार करने का काम शुरू हो गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले लोग यहां अपना मसाला कुटाने के लिए लेकर आते थे, लेकिन बाद में उनकी कुटाई नहीं की जाती थी। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यहां नकली मसाला बनाने का कारोबार कब से चल रहा था और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। फैक्ट्री किसकी? जांच में जुटी टीम छापेमारी के दौरान फैक्ट्री में मौजूद अधिकांश लोग फरार हो गए। फिलहाल फैक्ट्री के वास्तविक संचालक का पता नहीं चल पाया है। हिरासत में लिए गए व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है। प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि फैक्ट्री किसके नाम पर संचालित हो रही थी और इसके लिए कौन-कौन से लाइसेंस या अनुमति ली गई थी। इतने वर्षों से कैसे चल रही थी फैक्ट्री, होगी जांच सदर एसडीएम राकेश कुमार ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि अवैध तरीके से यह फैक्ट्री इतने लंबे समय तक कैसे चलती रही। इस पूरे मामले की सभी स्तरों पर जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल फैक्ट्री को सील कर दिया गया है और जब्त मसालों के नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट और आगे की जांच के आधार पर मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी। समस्तीपुर में नकली मसाला बनाने की फैक्ट्री का खुलासा हुआ है। सदर एसडीएम राकेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस-प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम ने गुरुवार को फैक्ट्री में छापेमारी की। टीम को देखते ही वहां काम कर रहे कई लोग मौके से फरार हो गए। एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। छापेमारी के दौरान फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में निम्न गुणवत्ता वाले चावल, चावल का चूर्ण, लकड़ी का बुरादा, धान की भूसी, मसाले में मिलाने वाला रंग और सुर्खी का बुरादा समेत कई संदिग्ध सामग्री बरामद की गई। टीम ने तैयार और निर्माणाधीन अलग-अलग मसालों के नमूने भी जब्त किए हैं। इन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा। कार्रवाई के बाद फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। मामला कल्याणपुर थाना क्षेत्र के विरसिंहपुर गांव का है। चावल और बुरादे से तैयार हो रहा था मसाला सदर एसडीएम राकेश कुमार ने बताया कि सूचना मिली थी कि विरसिंहपुर में लंबे समय से नकली गरम मसाला बनाने का काम चल रहा है। सूचना के आधार पर फूड इंस्पेक्टर के साथ टीम ने फैक्ट्री में छापेमारी की। मौके पर बड़ी मात्रा में ऐसी सामग्री मिली, जिसका इस्तेमाल मसाला तैयार करने में किया जा रहा था। एसडीएम के अनुसार, प्रथम दृष्टया फैक्ट्री में बरामद सामग्री स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती है। अलग-अलग मसालों के सैंपल जब्त किए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इसमें इस्तेमाल किए गए पदार्थों की वास्तविक प्रकृति और उनके स्वास्थ्य पर प्रभाव की पुष्टि हो सकेगी।
लंबे समय से चल रही थी फैक्ट्री प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ग्रामीण इलाके में यह फैक्ट्री लंबे समय से संचालित हो रही थी। बताया गया कि शुरुआत में यहां लोगों के लाए गए खड़े मसाले की कुटाई की जाती थी। बाद में इसी जगह नकली गरम मसाला तैयार करने का काम शुरू हो गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले लोग यहां अपना मसाला कुटाने के लिए लेकर आते थे, लेकिन बाद में उनकी कुटाई नहीं की जाती थी। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यहां नकली मसाला बनाने का कारोबार कब से चल रहा था और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। फैक्ट्री किसकी? जांच में जुटी टीम छापेमारी के दौरान फैक्ट्री में मौजूद अधिकांश लोग फरार हो गए। फिलहाल फैक्ट्री के वास्तविक संचालक का पता नहीं चल पाया है। हिरासत में लिए गए व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है। प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि फैक्ट्री किसके नाम पर संचालित हो रही थी और इसके लिए कौन-कौन से लाइसेंस या अनुमति ली गई थी। इतने वर्षों से कैसे चल रही थी फैक्ट्री, होगी जांच सदर एसडीएम राकेश कुमार ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि अवैध तरीके से यह फैक्ट्री इतने लंबे समय तक कैसे चलती रही। इस पूरे मामले की सभी स्तरों पर जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल फैक्ट्री को सील कर दिया गया है और जब्त मसालों के नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट और आगे की जांच के आधार पर मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

