दिल्ली पुलिस ने सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कथित टिप्पणियों को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करने वाली शिकायत पर बृहस्पतिवार को यहां की एक अदालत में स्थिति रिपोर्ट दाखिल की। अदालत के सूत्रों ने बताया कि रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई संज्ञेय अपराध नहीं बनता है। इससे पहले तीन अक्टूबर को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्वनी पंवार ने कश्मीरी गेट पुलिस थाने के प्रभारी (एसएचओ) से स्थिति रिपोर्ट मांगी थी।
उन्होंने कहा था कि शिकायतकर्ता के अनुसार, रेखा गुप्ता ने 23 सितंबर 2025 को कश्मीरी गेट अंतरराज्यीय बस अड्डे (आईएसबीटी) पर दिल्ली से उत्तर प्रदेश के बड़ौत के लिए डीटीसी बस सेवाओं को हरी झंडी दिखाने के एक कार्यक्रम के दौरान यह टिप्पणी की थी। मजिस्ट्रेट ने शिकायतकर्ता के उस आरोप का संज्ञान लिया था जिसमें कहा गया था, सार्वजनिक संबोधन के दौरान, कथित तौर पर सरकारी अधिकारियों को व्यवस्थित रूप से काम न करने के लिए चेतावनी और ताकीद देते हुए आरोपी (गुप्ता) ने यह बयान (या इसी आशय के शब्द) दिया था: इन हनुमानों को अपनी अस्थायी शक्तियां तभी याद आती हैं जब इनकी पूंछ में आग लगती है, उससे पहले वे इसे भूल जाते हैं। अदालत ने बृहस्पतिवार के अपने आदेश में कहा, पिछले आदेश का पालन करते हुए उपनिरीक्षक मुकेश तोमर ने स्थिति रिपोर्ट दाखिल की है, जिसे कश्मीरी गेट थाना प्रभारी (एसएचओ) ने नियमानुसार आगे (अदालत को) भेजा है।
अदालत ने यह भी दर्ज किया कि भाषण का प्रतिलेख (लिखित ब्योरा) और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को मान्य ठहराने वाला भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) के तहत प्रमाणपत्र भी पेश कर दिया गया है। अदालत ने कहा, इस चरण में, शिकायतकर्ता के वकील ने पुलिस द्वारा दाखिल स्थिति रिपोर्ट पर आपत्ति या जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है। अनुमति दी जाती है।
आपत्ति, जवाब और आगे की कार्यवाही के लिए मामले को 29 अक्टूबर की तारीख पर रखा जाए।

