दिल्ली में बृहस्पतिवार को तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सफदरजंग मौसम केंद्र में अधिकतम तापमान सामान्य से 4.9 डिग्री नीचे गिरकर 28.3 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो इस महीने का अब तक का सबसे कम तापमान है। वहीं, कई इलाकों में जलभराव और भारी यातायात जाम की खबर है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दिनभर आसमान में काले बादल छाए रहे और रुक-रुक कर हुई बारिश के कारण कई प्रमुख सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। मौसम विभाग ने दोपहर तीन बजे तक के लिए बारिश, गरज के साथ छींटे पड़ने, बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया था। आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 11:30 बजे से दोपहर ढाई बजे के बीच सफदरजंग में 15.9 मिमी बारिश दर्ज की गई।
इस अवधि में लोधी रोड में 20 मिमी, रिज में 24.5 मिमी, पालम में 11.2 मिमी और आयानगर में 7.2 मिमी बारिश हुई। अन्य केंद्रों में मयूर विहार में 15.2 मिमी, पीतमपुरा में 13 मिमी, छतरपुर में 10 मिमी, झारोड़ा कलां में 9.5 मिमी, पूसा में छह मिमी, नारायणा में 5.5 मिमी और जनकपुरी में 4.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि नजफगढ़ में इस दौरान बारिश नहीं हुई। तेज बारिश के कारण राजधानी के कई हिस्सों में यातायात प्रभावित हुआ और मुख्य चौराहों व मुख्य मार्गों से जुड़ने वाले संपर्क मार्ग पर भीषण जाम देखने को मिला।
मंडी हाउस गोलचक्कर पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और वाहन चालकों ने यातायात पुलिस कर्मियों की अनुपस्थिति की शिकायत की। इंडिया गेट पर भी भारी जाम रहा, जहां एक राहगीर ने करीब 30 मिनट तक फंसे रहने की बात कही। इसके अलावा आईटीओ, विकास मार्ग, उच्चतम न्यायालय और भारत मंडपम को जोड़ने वाली सड़कों पर भी यातायात बाधित रहा।
दक्षिण दिल्ली में चिराग दिल्ली की लाल बत्ती (ट्राफिक सिग्नल) से आईआईटी दिल्ली और हौज खास की ओर वाहनों की कतारें लग गईं। यात्रियों ने आश्रम फ्लाईओवर से सराय काले खां और सनलाइट कॉलोनी की ओर जाने वाले निकास मार्ग पर भी जाम की शिकायत की। ओखला फेज-1 के पास फुटपाथों पर अतिक्रमण और निर्माण सामग्री पड़े होने से स्थिति और बिगड़ गई।
मॉडल टाउन में छुट्टी के समय स्कूलों के पास जलभराव से जाम की समस्या बढ़ गई। दिल्ली यातायात पुलिस ने बताया कि शिकायत मिलने पर संबंधित ‘ट्रैफिक सर्कल’ (क्षेत्र के स्थानीय यातायात पुलिस निरीक्षक) को कार्रवाई के लिए सूचित कर दिया गया है। मंडी हाउस और गीता कॉलोनी के पास जलभराव, जबकि पालम और एम्स के आसपास भारी जाम की खबर रही।
तापमान के आंकड़ों के अनुसार, पालम में अधिकतम तापमान 28.1 डिग्री सेल्सियस, लोधी रोड में 27.8 डिग्री, रिज में 27.4 डिग्री और आयानगर में 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सफदरजंग में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.7 डिग्री अधिक 23.3 डिग्री सेल्सियस रहा। पालम में न्यूनतम तापमान 21.5 डिग्री, लोधी रोड में 22 डिग्री, रिज में 22.3 डिग्री और आयानगर में 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इससे पहले दिल्ली में 12 अक्टूबर को 42 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, जो 2022 के बाद से अक्टूबर महीने में एक दिन में हुई सबसे अधिक बारिश थी। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बृहस्पतिवार को हुई बारिश का कारण एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवातीय परिसंचरण और ‘ट्रफ’ रेखा (आसमान में फैले कम हवा के दबाव का एक लंबा और संकरा क्षेत्र) है। आईएमडी ने बताया कि उत्तरी पंजाब और उससे सटे इलाकों में एक चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है, जबकि दूसरा चक्रवातीय परिसंचरण दक्षिण हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों पर सक्रिय है।
बारिश के बावजूद दिल्ली की वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बनी रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 149 दर्ज किया गया। सीपीसीबी के मानकों के अनुसार, 0 से 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा , 51 से 100 को संतोषजनक , 101 से 200 को मध्यम , 201 से 300 को खराब , 301 से 400 को बहुत खराब और 401 से 500 के बीच एक्यूआई को गंभीर श्रेणी में रखा जाता है।
मौसम विभाग ने 17 अक्टूबर से 22 अक्टूबर तक राष्ट्रीय राजधानी में बारिश न होने का अनुमान जताया है।

